Wednesday, 21 August 2019

भारत में 20 साल में दोगुने होंगे Cancer मरीज, पढ़ें ये खास रिपोर्ट


नई दिल्ली : भारत समेत दुनिया के तमात देशों में कैंसर तेजी से पांव पसार रहा है, लेकिन भारत में ये कुछ ज्यादा ही खतरनाक रूप अख्तियार कर रहा है। भारत में कैंसर की स्थिति को लेकर किए गए एक ताजा अध्ययन में बताया गया है कि यहां प्रत्येक 20 वर्ष में इस जानलेवा बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या दोगुनी हो रही है। कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा, सबसे ज्यादा आबादी वाले आठ राज्यों में है।



जर्नल ऑफ ग्लोबल ऑन्कोलॉजी (Journal of Global Oncology) में इसी माह प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि भारतीय आर्युवेदों और पांडुलिपियों में भी कैंसर जैसी बीमारियों और उपचार का उल्लेख मिलता है। मतलब कैंसर सदियों पुरानी बीमारी है। अर्थवेद समेत कई भारतीय ग्रंथों में भी इसी तरह की बीमारी का जिक्र करते हुए बचाव के लक्ष्ण बताए गए हैं।



वर्ष 1860 से 1910 के बीच इंडियन मेडिकल सर्विस के डॉक्टरों द्वारा पूरे भारत में कई ऑडिट्स किए गए और कैंसर संबंधी मामलों का ब्यौरा प्रकाशि किया गया था। 19वीं सदी में पश्चिमी दवाओं की स्वीकार्यता बढ़ने के बाद कैंसर की जांच शुरू हुई। 1917 से 1932 के बीच भी भारतीय डॉक्टरों द्वारा विभिन्न मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पैथोलॉजी रिपोर्ट और क्लीनिकल डाटा का अध्ययन किया गया, इसमें पता चला कि अधेड़ आयु व बुजुर्ग अवस्था में कैंसर से मौत के मामले सामान्य होते जा रहे हैं।

इन आठ राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा :-

भारत में कैंसर की स्थिति पर ये अध्ययन कोलकाता स्थिति टाटा मेडिकल सेंटर के डिपार्टमेंट ऑफ डाइजेस्टिव डिजीस के मोहनदास के. मल्लाथ और लंदन स्थित किंग्स कॉलेज के शोधछात्र रॉबर्ट डी स्मिथ ने मिलकर किया है। इसमें बताया गया है कि भारत में प्रत्येक 20 वर्ष में कैंसर के मामले दोगुने हो रहे हैं। कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और राजस्थान राज्य में है। इसकी वजह ये है कि ये राज्य महामारी के संक्रमण काल से गुजर रहे हैं।

देश में बेहतर नहीं कैंसर इलाज की सुविधा :-

इस अध्ययन में कहा गया है कि भारत में जिन आठ राज्यों में कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा है, वहां इसके इलाज की सुविधाएं न के बराबर हैं। भारतीय शोधकर्ता मल्लाथ के अनुसार अगर इन राज्यों की मौजूदा स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो स्थिति हमारी उम्मीदों से ज्यादा खतरनाक हो सकती है। इन राज्यों के अलावा भी पूरे देश में कैंसर के इलाज के आधारभूत ढांचे का भारी अभाव है। सरकारी अस्पतालों की स्थिति बहुत खराब होने की वजह से वहां पर्याप्त और बेहतर इलाज संभव नहीं है। निजी अस्पतालों में जो इलाज की सुविधाएं मौजूद भी हैं, वो बहुत महंगी हैं। बहुत से मामलों में देखा गया है कि मध्यम वर्गीय परिवार भी निजी अस्पताल में इस बीमारी का खर्च वहन करने में समर्थ नहीं है।
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Source : rajsthan patrika, samaya live, ndtv, news18 hindi, navbharat times, jagran, nai dunia, live hindustan, jansatta

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