Saturday, 29 July 2017

गोला बारूद ही नहीं सेना में 52 हजार जवानों-अफसरों की भी है कमी!

नई दिल्ली : चीन और पाकिस्तान जैसे देशों से निपटने के लिए देश में सिर्फ गोले-बारुद ही नहीं बल्कि 52 हजार से अधिक सुरक्षाबलों की भी कमी है।



लोकसभा में रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि तीनों सेना में कुल 50 हजार से ज्यादा जवानों की कमी है। रक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे वक्त में आया है कि जब सीमा पर तनाव बरकार है।

रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने कहा कि सेना की तीनों शाखाओं में 52 हजार से अधिक सैनिकों की कमी है। इसमें भारतीय सेना में 25,472 संयुक्त कमान अधिकारियों और अन्य रैंक के अधिकारियों की कमी है।

इसके अलावा वायुसेना 13,785 और नौसेना में 13,373 जवानों की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा कमी सेना की कुल क्षमता का बहुत कम हिस्सा है। इस समय भारतीय सेना में लगभग 14 लाख जवान हैं।

भामरे ने आगे कहा कि सरकार ने सुरक्षा जवानों की कमी को घटना के लिए कई कदम उठआए हैं। इनमें प्रशिक्षण क्षमता में वृद्धि, निरंतर छवि निर्माण, स्कूलों में प्रेरक व्याख्यान, करियर संबंधी मेले और प्रदर्शनियों में भागीदार और सशस्त्र सेनाओं में चुनौतीपूर्ण करियर का फायदा उठाने के प्रति युवाओं को जागरुक करने के लिए प्रचार अभियान शामिल हैं।

पाठकों को बता दे की इससे पहले कैग की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि भारतीय सेना के पास युद्ध की स्थिति में लड़ने के लिए सिर्फ 10 दिनों का गोला-बारुद है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुल 152 तरह के गोला-बारुद में से सिर्फ 20 फीसदी का ही स्टॉक संतोषजनक है।

20 दिन का स्टॉक है जरुरी :-


साथ ही यह भी बता दें कि इससे पहले सेना को 40 दिनों तक युद्ध लड़ने लायक गोला-बारुद रिजर्व रखना होता था। जिसे 1990 में घटाकर 20 दिन कर दिया था।
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Source : rajsthan patrika, samaya live, ndtv, news18 hindi, navbharat times, jagran, nai dunia, live hindustan, jansatta

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