Wednesday, 12 October 2016

पत्नी न बनाए शारीरिक संबंध तो पति ले सकता है तलाक : HC

नई दिल्ली : शौहर को लंबे समय से शारीरिक संबंध बनानें से इनकार करना और इसका कोई वाजिब कारण न बताना मानसिक क्रूरता है और यह तलाक का आधार भी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्नी से तलाक चाह रहे एक पति की याचिका पर यह फैसला सुनाया है।



याचिकाकर्ता ने शिकायत की थी कि उसकी पत्नी पिछले साढ़े चार साल से उसे शारीरिक संबंध न बनाने देकर मानसिक यातना दे रही है, जबकि वह (पत्नी) किसी शारीरिक अपंगता की शिकार भी नहीं है।

हाई कोर्ट ने पति के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस बात को गौर किया कि निचली अदालत में पत्नी ने आरोपों का खंडन नहीं किया था।

हाई कोर्ट की बेंच ने कहा, 'चल रही चर्चा के मद्देनजर हम समझते हैं कि पति ने यह साबित कर दिया है कि उसके साथ मानसिक क्रूरता हुई। एक ही छत के नीचे रहने के बावजूद भी पत्नी ने बिना कोई कारण बताए लंबे समय तक पति को सेक्स से इनकार किया, जबकि वह किसी भी प्रकार की शारीरिक अक्षमता की शिकार नहीं थी।'

पति ने मार्च में निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने कहा था कि पति ने जिन वजहों को बताया है उन्हें हिंदू मैरिज ऐक्ट 1955 के तहत क्रूरता की श्रेणी में नहीं गिना जा सकता। वहीं हाई कोर्ट ने गौर किया कि पत्नी शुरुआत में तो निचली अदालत में हाजिर होती थी, लेकिन बाद में वह अदालत में हाजिर होना बंद कर दी। इसके लिए उसे नोटिस भी जारी किया गया था।


पति ने हाई कोर्ट को बताया कि उनकी शादी 26 नवंबर 2001 को हरियाणा में हुई। उनके दो बेटे हैं जो 2013 में तलाक की याचिका दाखिल करते समय 10 साल और 9 साल के थे। पति का कहना था कि पत्नी घर का कोई काम भी नहीं करती थी। उसके रवैये से उसे और उसके परिवार वालों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
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Source : rajsthan patrika, samaya live, ndtv, news18 hindi, navbharat times, jagran, nai dunia, live hindustan, jansatta

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