Saturday, 23 September 2017

8 साल की मासूम का रेप करते पकड़ा गया ये आदमी

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जमकर वायरल हो रही है, जिसके बारे में बताया जा रहा है की एक आदमी जो की इस तस्वीर में दिखाई दे रहा बिना कपड़ों के उसने 8 साल की मासूम बच्ची का रेप किया है।



इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चाए चल रही है। और साथ ही इस व्यक्ति के बारे में सोशल मीडिया पर सजा की भी मांग की जा रही है।


आपसे बस यहीं अपील है की आप भी कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताइए की इसे क्या सजा दी जाए?

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स्कूली बच्चों की तरह लड़ रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग : रूस

नई दिल्ली : उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जुबानी जंग जारी है, जिसको लेकर रूस ने दोनों ही नेताओं पर कटाक्ष किया है। रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने कहा कि किम जोंग उन और डोनाल्ड ट्रंप बच्चों की तरह लड़ रहे हैं।



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में पहले भाषण में उत्तर कोरिया को पूरी तरह से खत्म करने की चेतावनी दी थी, जिस पर पलटवार करते हुए उत्तर कोरिया ने उनके भाषण को कुत्ते का भौंकना करार दिया था।

और इतना ही नहीं, किम जोंग उन ने डोनाल्ड ट्रंप को पागल तक करार दे दिया है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई तानाशाह को रॉकेटमैन और मैडमैन तक कह डाला है। रूसी विदेश मंत्री ने दोनों देशों से तनाव करने को कहा है। उऩ्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण को चुपचाप देखते रहना भी स्वीकार नहीं है, लेकिन कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध शुरू करना भी स्वीकार नहीं है।

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बर्बाद करने की धमकी के जवाब में उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री ने कहा कि वह प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम का परीक्षण करने पर विचार कर सकते हैं। इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दिए गए भाषण की निंदा करते हुए उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने इसके जवाब में इतिहास में किसी कदम के खिलाफ अब तक का सबसे कठोर कदम उठानेकी चेतावनी दी थी।

इसी महीने किम ने हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर दुनिया को चिंता में डाल दिया था। उत्तर कोरिया ने दावा किया कि यह हाइड्रोजन बम मिसाइल से दागा जा सकता है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग-हो ने न्यूयॉर्क में मीडिया से बातचीत में भविष्य में और अधिक शक्तिशाली हाइड्रोजन बम का परीक्षण करने की बात कही।

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि शायद प्रशांत महासागर के ऊपर अभूतपूर्व स्तर का हाइड्रोजन बम का परीक्षण हो सकता है, लेकिन यह हमारे नेता किम जोंग उन पर निर्भर करता है। लिहाजा मैं इस बाबत अच्छी तरह नहीं जानता।

कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनीफिकेशन में विश्लेषक चुंग सुंग यून ने कहा कि इस बात की बहुत अधिक संभावनाहै कि किम आगे किसी तरह की उकसावे की कार्रवाई कर सकता है। बहरहाल, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरिया क्या करेगा?


चुंग ने कहा कि इस बात की संभावना है कि उत्तर कोरिया उत्तरी प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर सकता है। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका संभावित रूप से रॉकेट को मार गिराने की कोशिश करेगा, जबकि चीन उस पर और कड़े प्रतिबंध लगा सकता है, जो आर्थिक संकट से जूझ रहे देश के लिए विनाशकारी होगा।

नई दिल्ली : उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जुबानी जंग जारी है, जिसको लेकर रूस ने दोनों ही नेताओं पर कटाक्ष किया है। रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने कहा कि किम जोंग उन और डोनाल्ड ट्रंप बच्चों की तरह लड़ रहे हैं।



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में पहले भाषण में उत्तर कोरिया को पूरी तरह से खत्म करने की चेतावनी दी थी, जिस पर पलटवार करते हुए उत्तर कोरिया ने उनके भाषण को कुत्ते का भौंकना करार दिया था।

और इतना ही नहीं, किम जोंग उन ने डोनाल्ड ट्रंप को पागल तक करार दे दिया है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई तानाशाह को रॉकेटमैन और मैडमैन तक कह डाला है। रूसी विदेश मंत्री ने दोनों देशों से तनाव करने को कहा है। उऩ्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण को चुपचाप देखते रहना भी स्वीकार नहीं है, लेकिन कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध शुरू करना भी स्वीकार नहीं है।

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बर्बाद करने की धमकी के जवाब में उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री ने कहा कि वह प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम का परीक्षण करने पर विचार कर सकते हैं। इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दिए गए भाषण की निंदा करते हुए उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने इसके जवाब में इतिहास में किसी कदम के खिलाफ अब तक का सबसे कठोर कदम उठानेकी चेतावनी दी थी।

इसी महीने किम ने हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर दुनिया को चिंता में डाल दिया था। उत्तर कोरिया ने दावा किया कि यह हाइड्रोजन बम मिसाइल से दागा जा सकता है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग-हो ने न्यूयॉर्क में मीडिया से बातचीत में भविष्य में और अधिक शक्तिशाली हाइड्रोजन बम का परीक्षण करने की बात कही।

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि शायद प्रशांत महासागर के ऊपर अभूतपूर्व स्तर का हाइड्रोजन बम का परीक्षण हो सकता है, लेकिन यह हमारे नेता किम जोंग उन पर निर्भर करता है। लिहाजा मैं इस बाबत अच्छी तरह नहीं जानता।

कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनीफिकेशन में विश्लेषक चुंग सुंग यून ने कहा कि इस बात की बहुत अधिक संभावनाहै कि किम आगे किसी तरह की उकसावे की कार्रवाई कर सकता है। बहरहाल, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरिया क्या करेगा?


चुंग ने कहा कि इस बात की संभावना है कि उत्तर कोरिया उत्तरी प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर सकता है। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका संभावित रूप से रॉकेट को मार गिराने की कोशिश करेगा, जबकि चीन उस पर और कड़े प्रतिबंध लगा सकता है, जो आर्थिक संकट से जूझ रहे देश के लिए विनाशकारी होगा।
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Friday, 22 September 2017

गौरक्षा के नाम पर हुई हिंसा के पीड़ितों को मिले मुआवजा : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली : गौरक्षा के नाम पर हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के प्रति सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि इस तरह की हिंसा के पीड़ितों को मुआवजा देने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। साथ ही जो लोग इस तरह की हिंसा में लिप्त हैं उन्हें कानून के शिकंजे में लाने की जरूरत है।



खबरों के अनुसार इस संबंध में गुजरात, राजस्थान, झारखंड, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश ने सुप्रीम कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट जमा कर दी है वहीं कोर्ट ने अन्य राज्यों से भी अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र जमा करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।

इससे पहले देश में गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने राज्यों को एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अफसर नियुक्त करने के आदेश देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें हिंसा करने वाले गौरक्षकों पर कड़ी कार्रवाई करें।


गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई को निचली अदालतों से हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था। इस सुनवाई में केंद्र सरकार ने अदालत में गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा को गलत बताते हुए कहा था कि वो इसके खिलाफ है।

नई दिल्ली : गौरक्षा के नाम पर हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के प्रति सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि इस तरह की हिंसा के पीड़ितों को मुआवजा देने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। साथ ही जो लोग इस तरह की हिंसा में लिप्त हैं उन्हें कानून के शिकंजे में लाने की जरूरत है।



खबरों के अनुसार इस संबंध में गुजरात, राजस्थान, झारखंड, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश ने सुप्रीम कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट जमा कर दी है वहीं कोर्ट ने अन्य राज्यों से भी अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र जमा करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।

इससे पहले देश में गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने राज्यों को एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अफसर नियुक्त करने के आदेश देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें हिंसा करने वाले गौरक्षकों पर कड़ी कार्रवाई करें।


गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई को निचली अदालतों से हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था। इस सुनवाई में केंद्र सरकार ने अदालत में गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा को गलत बताते हुए कहा था कि वो इसके खिलाफ है।
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BJP नेता के बेटे को सरेआम लड़की ने सिखाया ऐसा सबक विडियो हुआ वायरल

सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा है जो की उत्तराखंड में BJP नेता के बेटे का बताया जा रहा है।



इस विडियो के बारे में लोग कह रहे है की "उत्तराखंड के भाजपा मंत्री, 'हरक सिंह रावत' के भतीजे 'अंकित रावत' का लड़कियों के द्वारा सम्मान समारोह।।। जरूर देखें।।और पब्लिक को भी दिखायें"


सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा है जो की उत्तराखंड में BJP नेता के बेटे का बताया जा रहा है।



इस विडियो के बारे में लोग कह रहे है की "उत्तराखंड के भाजपा मंत्री, 'हरक सिंह रावत' के भतीजे 'अंकित रावत' का लड़कियों के द्वारा सम्मान समारोह।।। जरूर देखें।।और पब्लिक को भी दिखायें"


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Thursday, 21 September 2017

ट्रम्प की स्पीच और धमकी भौंकने जैसी, हमारा देश डरने वाला नहीं : नॉर्थ कोरिया

नई दिल्ली : उत्तर कोरिया के न्यूक्लियर प्रोग्राम के लगातार बढ़ने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की धमकियों की तुलना प्योंगयांग ने 'कुत्त के भौंकने' से की है।



उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री ने कहा है कि इन धमकियों से वे डरने वाले नहीं है। ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले भाषण में उत्तर कोरिया धमकी दी थी कि अगर यूएस या उसके सहयोगी देशों पर वह हमला करता है तो वॉशिंगटन उसे पूरी तरह तबाह कर देगा।

प्योंगयांग द्वारा लगातार मिसाइल और परमाणु बमों के परीक्षण किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच कई महीनों से तनाव बरकरार है। सबसे शक्तिशाली और छठे परमाणु बम के परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र ने अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध तक लगा दिए हैं।

इसके बाद भी उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से प्रशांत महासागर में मिसाइल छोड़ी है। संयुक्त राष्ट्र की बैठक में शामिल होने न्यू यॉर्क पहुंचे नॉर्थ कोरिया के रक्षा मंत्री री योंग-हो से जब रिपोर्टर्स ने ट्रंप के भाषण पर सवाल किया तो उन्होंने जवाब दिया, 'ऐसी कहावत है, हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार।' अलग-थलग हो चुके गरीब देशों में शामिल उत्तर कोरिया ने कहा कि उसे आक्रामक यूएस से अपनी रक्षा करने के लिए मजबूत परमाणु हथियारों की जरूरत है।

प्योंगयांग ने हाल ही में कहा था कि उसका लक्ष्य अमेरिका को अपनी जद में लाना है। इस बात को साबित करने के लिए उसने कई मिसाइल परीक्षण भी किए हैं। सितंबर के पहले हफ्ते में ही उत्तर कोरिया ने हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया था, जो कि उसका छठा और सबसे शक्तिशाली न्यूक्लियर टेस्ट था। उत्तर कोरिया ने दावा किया था कि यह बम रॉकेट में भी फिट हो सकता है। प्योंगयांग ने जुलाई में दो अंतरमहाद्विपीय बलिस्टिक मिसाइलों का भी परीक्षण किया था जिसकी जद में अमेरिका है।


उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षण के बाद ट्रंप ने किम जोंग-उन को रॉकेट मैन बताया और कहा कि वह सूइसाइड मिशन पर है। ट्रंप के भाषण से एक दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने भी संयुक्त राष्ट्र में कहा था कि उत्तर कोरिया से बातचीत का कोई फायदा नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि आबे का यह भाषण चीन के लिए था जो कि लगातार उत्तर कोरिया से बातचीत करने को लेकर दबाव बना रहा है।

नई दिल्ली : उत्तर कोरिया के न्यूक्लियर प्रोग्राम के लगातार बढ़ने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की धमकियों की तुलना प्योंगयांग ने 'कुत्त के भौंकने' से की है।



उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री ने कहा है कि इन धमकियों से वे डरने वाले नहीं है। ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले भाषण में उत्तर कोरिया धमकी दी थी कि अगर यूएस या उसके सहयोगी देशों पर वह हमला करता है तो वॉशिंगटन उसे पूरी तरह तबाह कर देगा।

प्योंगयांग द्वारा लगातार मिसाइल और परमाणु बमों के परीक्षण किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच कई महीनों से तनाव बरकरार है। सबसे शक्तिशाली और छठे परमाणु बम के परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र ने अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध तक लगा दिए हैं।

इसके बाद भी उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से प्रशांत महासागर में मिसाइल छोड़ी है। संयुक्त राष्ट्र की बैठक में शामिल होने न्यू यॉर्क पहुंचे नॉर्थ कोरिया के रक्षा मंत्री री योंग-हो से जब रिपोर्टर्स ने ट्रंप के भाषण पर सवाल किया तो उन्होंने जवाब दिया, 'ऐसी कहावत है, हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार।' अलग-थलग हो चुके गरीब देशों में शामिल उत्तर कोरिया ने कहा कि उसे आक्रामक यूएस से अपनी रक्षा करने के लिए मजबूत परमाणु हथियारों की जरूरत है।

प्योंगयांग ने हाल ही में कहा था कि उसका लक्ष्य अमेरिका को अपनी जद में लाना है। इस बात को साबित करने के लिए उसने कई मिसाइल परीक्षण भी किए हैं। सितंबर के पहले हफ्ते में ही उत्तर कोरिया ने हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया था, जो कि उसका छठा और सबसे शक्तिशाली न्यूक्लियर टेस्ट था। उत्तर कोरिया ने दावा किया था कि यह बम रॉकेट में भी फिट हो सकता है। प्योंगयांग ने जुलाई में दो अंतरमहाद्विपीय बलिस्टिक मिसाइलों का भी परीक्षण किया था जिसकी जद में अमेरिका है।


उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षण के बाद ट्रंप ने किम जोंग-उन को रॉकेट मैन बताया और कहा कि वह सूइसाइड मिशन पर है। ट्रंप के भाषण से एक दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने भी संयुक्त राष्ट्र में कहा था कि उत्तर कोरिया से बातचीत का कोई फायदा नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि आबे का यह भाषण चीन के लिए था जो कि लगातार उत्तर कोरिया से बातचीत करने को लेकर दबाव बना रहा है।
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PAK पीएम की धमकी - भारत से निपटने के लिए बना लिए हैं छोटे एटमी हथियार!

नई दिल्ली : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा कि भारतीय सेना के कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिनसे निपटने के लिए उनके देश ने छोटी दूरी के परमाणु हथियार विकसित कर लिए हैं। अब्बासी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार सुरक्षित हैं।



कोल्ड स्टार्ट पाकिस्तान के साथ संभावित युद्ध के लिए भारत की सशस्त्र सेनाओं द्वारा विकसित किया गया सैन्य डॉक्ट्रीन है। इसके तहत भारत के सैन्य बलों को युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान की ओर से परमाणु हमले का जवाब देने के लिए हमले करने की मंजूरी है।

उन्होंने एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस में एक सवाल के जवाब में कहा, हमारा सामरिक परमाणु हथियारों पर बेहद मजबूत और सुरक्षित नियंत्रण है। समय के साथ यह साबित हो चुका है कि यह प्रक्रिया बहुत सुरक्षित है। पाकिस्तान की न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी (एनसीए) के पास देश के परमाणु हथियारों के संबंध में कमांड, कंट्रोल और संचालनात्मक फैसले लेने की जिम्मेदारी है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, जहां तक सामरिक परमाणु हथियारों का संबंध है तो हमारे पास कोई भी क्षेत्रीय सामरिक परमाणु हथियार नहीं है। हमने भारत के कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन से निपटने के लिए छोटी दूरी के परमाणु हथियार विकसित किए हैं। इनकी कमान और कंट्रोल भी उसी अथॉरिटी के पास है जिसके पास अन्य सामरिक हथियारों का नियंत्रण है। मध्यस्थ डेविड संगेर ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में जिनका परमाणु शस्त्रागार तेजी से बढ़ रहा है।

संगेर ने कहा, दुनिया में कोई भी दूसरा परमाणु शस्त्रागार नहीं है, जो इतनी तेजी से बढ़ रहा हो और विश्व में उत्तर कोरिया के अलावा ऐसा कोई देश नहीं है, जिससे अमेरिका को ज्यादा चिंता हो। उसे शस्त्रागारों की सुरक्षा की चिंता है और इससे भी ज्यादा वे शस्त्रागार के कमान और कंट्रोल को लेकर चिंतित हैं। अब्बासी ने कहा कि उनकी कमान और कंट्रोल व्यवस्था अन्य देशें के समान ही सुरक्षित है।

उन्होंने कहा, इस बात पर संदेह नहीं होना चाहिए कि आतंकवादी या ऐसी कोई भी आण्विक सामग्री या परमाणु हथियारों पर नियंत्रण कर सकता है। इसकी कतई आशंका नहीं है। अब्बासी ने कहा, पाकिस्तान विश्व का जिम्मेदार देश है और हमने आतंकवाद के खिलाफ बड़े युद्ध के साथ यह जिम्मेदारी दिखाई है। हम पिछले 15 वर्षों से आतंकवाद से लड़ रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस अंदेशे को खारिज करने की मांग की कि उनका देश अपने परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है।


उन्होंने कहा, हम परमाणु संपन्न हैं। इस पर कोई शक नहीं है। हम जानते हैं कि परमाणु कचरे से कैसे निपटा जाता है। हमने 60 के दशक में परमाणु कार्यक्रम शुरू किया था और हम परमाणु कार्यक्रम वाले एशिया के पहले देशों में से एक हैं तो अगर हमने 50 वर्षों से इसकी रक्षा की है तो मुझे लगता है कि हम अब भी कर सकते हैं।

नई दिल्ली : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा कि भारतीय सेना के कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिनसे निपटने के लिए उनके देश ने छोटी दूरी के परमाणु हथियार विकसित कर लिए हैं। अब्बासी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार सुरक्षित हैं।



कोल्ड स्टार्ट पाकिस्तान के साथ संभावित युद्ध के लिए भारत की सशस्त्र सेनाओं द्वारा विकसित किया गया सैन्य डॉक्ट्रीन है। इसके तहत भारत के सैन्य बलों को युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान की ओर से परमाणु हमले का जवाब देने के लिए हमले करने की मंजूरी है।

उन्होंने एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस में एक सवाल के जवाब में कहा, हमारा सामरिक परमाणु हथियारों पर बेहद मजबूत और सुरक्षित नियंत्रण है। समय के साथ यह साबित हो चुका है कि यह प्रक्रिया बहुत सुरक्षित है। पाकिस्तान की न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी (एनसीए) के पास देश के परमाणु हथियारों के संबंध में कमांड, कंट्रोल और संचालनात्मक फैसले लेने की जिम्मेदारी है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, जहां तक सामरिक परमाणु हथियारों का संबंध है तो हमारे पास कोई भी क्षेत्रीय सामरिक परमाणु हथियार नहीं है। हमने भारत के कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन से निपटने के लिए छोटी दूरी के परमाणु हथियार विकसित किए हैं। इनकी कमान और कंट्रोल भी उसी अथॉरिटी के पास है जिसके पास अन्य सामरिक हथियारों का नियंत्रण है। मध्यस्थ डेविड संगेर ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में जिनका परमाणु शस्त्रागार तेजी से बढ़ रहा है।

संगेर ने कहा, दुनिया में कोई भी दूसरा परमाणु शस्त्रागार नहीं है, जो इतनी तेजी से बढ़ रहा हो और विश्व में उत्तर कोरिया के अलावा ऐसा कोई देश नहीं है, जिससे अमेरिका को ज्यादा चिंता हो। उसे शस्त्रागारों की सुरक्षा की चिंता है और इससे भी ज्यादा वे शस्त्रागार के कमान और कंट्रोल को लेकर चिंतित हैं। अब्बासी ने कहा कि उनकी कमान और कंट्रोल व्यवस्था अन्य देशें के समान ही सुरक्षित है।

उन्होंने कहा, इस बात पर संदेह नहीं होना चाहिए कि आतंकवादी या ऐसी कोई भी आण्विक सामग्री या परमाणु हथियारों पर नियंत्रण कर सकता है। इसकी कतई आशंका नहीं है। अब्बासी ने कहा, पाकिस्तान विश्व का जिम्मेदार देश है और हमने आतंकवाद के खिलाफ बड़े युद्ध के साथ यह जिम्मेदारी दिखाई है। हम पिछले 15 वर्षों से आतंकवाद से लड़ रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस अंदेशे को खारिज करने की मांग की कि उनका देश अपने परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है।


उन्होंने कहा, हम परमाणु संपन्न हैं। इस पर कोई शक नहीं है। हम जानते हैं कि परमाणु कचरे से कैसे निपटा जाता है। हमने 60 के दशक में परमाणु कार्यक्रम शुरू किया था और हम परमाणु कार्यक्रम वाले एशिया के पहले देशों में से एक हैं तो अगर हमने 50 वर्षों से इसकी रक्षा की है तो मुझे लगता है कि हम अब भी कर सकते हैं।
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Wednesday, 20 September 2017

मेक्सिको : भारी भूकंप ने मचाई तबाही, 250 लोगों की मौत!

नई दिल्ली : मेक्सिको में आए 7.1 तीव्रता के भीषण भूकंप में कम से कम 248 लोग मारे गए हैं और इनमें 21 बच्चे शामिल हैं। ये बच्चे भूकंप के कारण ध्वस्त हुई एक स्कूल की इमारत के नीचे दबने से मारे गए हैं।



इस भीषण भूकंप में मची तबाही ने वर्ष 1985 के शक्तिशाली भूकंप की काली यादों को ताजा कर दिया। वह भूकंप इस देश का अब तक का सबसे भयंकर भूकंप था।

हालिया भूकंप में सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाला दृश्य एनरीके रेब्सामेन प्राइमरी स्कूल का था। मेक्सिको सिटी के दक्षिणी हिस्से में स्थित इस स्कूल की तीन मंजिले ढह गई थीं और छात्र एवं शिक्षक इसके नीचे फंस गए थे।

मेक्सिकन नौसेना के मेजर जोस लुइस वरगारा ने कल कहा कि 21 बच्चे और पांच व्यस्क मारे गए हैं। मेजर जोस राहत कार्यों में समन्वय का काम कर रहे हैं। इस कार्य में सैंकड़ों सैनिक, पुलिस, असैन्य स्वयंसेवी और खोजी कुत्ते शामिल हैं।


उन्होंने कहा कि 30 से 40 लोग अब भी अंदर फंसे हैं और 11 बच्चों को बचाया जा चुका है। और उन्होंने कहा कि आपातकर्मियों को मलबे के नीचे एक शिक्षक और एक छात्र जीवित मिला है और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। 

नई दिल्ली : मेक्सिको में आए 7.1 तीव्रता के भीषण भूकंप में कम से कम 248 लोग मारे गए हैं और इनमें 21 बच्चे शामिल हैं। ये बच्चे भूकंप के कारण ध्वस्त हुई एक स्कूल की इमारत के नीचे दबने से मारे गए हैं।



इस भीषण भूकंप में मची तबाही ने वर्ष 1985 के शक्तिशाली भूकंप की काली यादों को ताजा कर दिया। वह भूकंप इस देश का अब तक का सबसे भयंकर भूकंप था।

हालिया भूकंप में सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाला दृश्य एनरीके रेब्सामेन प्राइमरी स्कूल का था। मेक्सिको सिटी के दक्षिणी हिस्से में स्थित इस स्कूल की तीन मंजिले ढह गई थीं और छात्र एवं शिक्षक इसके नीचे फंस गए थे।

मेक्सिकन नौसेना के मेजर जोस लुइस वरगारा ने कल कहा कि 21 बच्चे और पांच व्यस्क मारे गए हैं। मेजर जोस राहत कार्यों में समन्वय का काम कर रहे हैं। इस कार्य में सैंकड़ों सैनिक, पुलिस, असैन्य स्वयंसेवी और खोजी कुत्ते शामिल हैं।


उन्होंने कहा कि 30 से 40 लोग अब भी अंदर फंसे हैं और 11 बच्चों को बचाया जा चुका है। और उन्होंने कहा कि आपातकर्मियों को मलबे के नीचे एक शिक्षक और एक छात्र जीवित मिला है और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। 
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