Monday, 29 April 2019

बम धमाकों के बाद श्रीलंका का बड़ा कदम - बुर्के पर लगाया बैन


नई दिल्ली : श्रीलंका के कोलंबो समेत देश के कई जगहों पर हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद अब वहां की सरकार ने सख्‍त रुख अपनाया है। श्रीलंकाई सरकार ने रविवार को बुर्का और चेहरे ढकने वाले कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी किया है। यह फरमान देश में सोमवार से लागू हो जाएगा। श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार आत्‍मघाती बम धमाकों की जिम्‍मेदारी आईएस ने ली थी, जिसके बाद वहां की सरकार ने यह आदेश दिया है।



श्रीलंका के राष्‍ट्रपति ने लिखा, 'ऐसे कपड़े पहनना जो चेहरे को पूरी तरह से ढकते हो, सोमवार से उनपर प्रतिबंध है।' श्रीलंका की संसद में कुछ दिन पहले ही एक संसद ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बुर्का पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक प्रस्‍ताव पेश किया था। सांसद आशु मरासिंघे ने कहा था कि 'बुर्का' मुस्लिमों का पारंपरिक परिधान नहीं था।

वहां के All Ceylon Jamiyyathul Ulama (ACJU) नाम के मौलवियों के संगठन ने भी एक आदेश जारी करके महिलाओं को बुर्का या चेहरे ढकने वाले कपड़ों का इस्‍तेमाल न करने की बात कही थी। ऐसा इसलिए कहा गया था ताकि राष्‍ट्रीय सुरक्षा में किसी तरह की बाधा न आए। ऐसा माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री इसपर हामी नहीं भरेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

बता दें कि 21 अप्रैल को ईसाई समुदाय के पर्व ईस्टर के मौके पर श्रीलंका के अलग-अलग इलाकों में चर्चों को निशाना बनाया गया। कुल आठ बम धमाके हुए। इनमें 253 लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग जख्मी हुए थे। आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली है। बम धमाकों के बाद श्रीलंका में बड़े पैमाने पर अंतिम संस्कार हो रहे हैं और हर जगह की निरीक्षण किया जा रहा है।


नई दिल्ली : श्रीलंका के कोलंबो समेत देश के कई जगहों पर हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद अब वहां की सरकार ने सख्‍त रुख अपनाया है। श्रीलंकाई सरकार ने रविवार को बुर्का और चेहरे ढकने वाले कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी किया है। यह फरमान देश में सोमवार से लागू हो जाएगा। श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार आत्‍मघाती बम धमाकों की जिम्‍मेदारी आईएस ने ली थी, जिसके बाद वहां की सरकार ने यह आदेश दिया है।



श्रीलंका के राष्‍ट्रपति ने लिखा, 'ऐसे कपड़े पहनना जो चेहरे को पूरी तरह से ढकते हो, सोमवार से उनपर प्रतिबंध है।' श्रीलंका की संसद में कुछ दिन पहले ही एक संसद ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बुर्का पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक प्रस्‍ताव पेश किया था। सांसद आशु मरासिंघे ने कहा था कि 'बुर्का' मुस्लिमों का पारंपरिक परिधान नहीं था।

वहां के All Ceylon Jamiyyathul Ulama (ACJU) नाम के मौलवियों के संगठन ने भी एक आदेश जारी करके महिलाओं को बुर्का या चेहरे ढकने वाले कपड़ों का इस्‍तेमाल न करने की बात कही थी। ऐसा इसलिए कहा गया था ताकि राष्‍ट्रीय सुरक्षा में किसी तरह की बाधा न आए। ऐसा माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री इसपर हामी नहीं भरेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

बता दें कि 21 अप्रैल को ईसाई समुदाय के पर्व ईस्टर के मौके पर श्रीलंका के अलग-अलग इलाकों में चर्चों को निशाना बनाया गया। कुल आठ बम धमाके हुए। इनमें 253 लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग जख्मी हुए थे। आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली है। बम धमाकों के बाद श्रीलंका में बड़े पैमाने पर अंतिम संस्कार हो रहे हैं और हर जगह की निरीक्षण किया जा रहा है।

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Tuesday, 26 February 2019

जय हिन्द - 21 मिनिट में लिया पुलवामा का बदला, 300 आतंकी हुए ढेर

नई दिल्ली : भारत ने पुलवामा हमले का पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 विमानों ने मंगलवार तड़के 3.30 बजे करीब 21 मिनट तक पीओके में एलओसी से करीब 50 किलोमीटर अंदर घुसकर 1000 किलो बम बरसाए।



भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई में आतंकी ठिकाने तबाह हो गए हैं। इसके अलावा करीब 200 से 300 आतंकियों के मारे जाने की ख़बर है। बताया जा रहा है कि बालाकोट, चकोटी, मुजफ्फराबाद में जैश के ठिकाने तबाह कर दिए गए हैं।

ऐसा पहली बार हुआ है जब शांतिकाल में भारतीय वायुसेना ने सीमा लांघी है। उधर, पाकिस्तानी सेना भारतीय विमानों के PoK में घुसने की बात तो मान रही है, लेकिन किसी बड़े नुकसान की खबर को खारिज कर रही है।  इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ने की आशंका है, जिसे देखते हुए सीमा पर तैनात सभी सुरक्षाबलों को अलर्ट कर रखा गया है।

इस एयर स्ट्राइक के बाद एनएसए अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस एयर स्ट्राइक के बारे में जानकारी दी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने CCS की बुलाई। पीएम मोदी द्वारा बुलाई गए सीसीएस की बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण आदि शामिलहुए।

इस एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय सेना को फुुल अलर्ट पर रखा गया है। सीमा पार हलचल बढ़ गई है। वायुसेना वॉर अलर्ट पर है। पाकिस्तान के किसी भी कदम का जवाब देने के लिए सेना को खुली छूट दे दी गई है।

नई दिल्ली : भारत ने पुलवामा हमले का पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 विमानों ने मंगलवार तड़के 3.30 बजे करीब 21 मिनट तक पीओके में एलओसी से करीब 50 किलोमीटर अंदर घुसकर 1000 किलो बम बरसाए।



भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई में आतंकी ठिकाने तबाह हो गए हैं। इसके अलावा करीब 200 से 300 आतंकियों के मारे जाने की ख़बर है। बताया जा रहा है कि बालाकोट, चकोटी, मुजफ्फराबाद में जैश के ठिकाने तबाह कर दिए गए हैं।

ऐसा पहली बार हुआ है जब शांतिकाल में भारतीय वायुसेना ने सीमा लांघी है। उधर, पाकिस्तानी सेना भारतीय विमानों के PoK में घुसने की बात तो मान रही है, लेकिन किसी बड़े नुकसान की खबर को खारिज कर रही है।  इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ने की आशंका है, जिसे देखते हुए सीमा पर तैनात सभी सुरक्षाबलों को अलर्ट कर रखा गया है।

इस एयर स्ट्राइक के बाद एनएसए अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस एयर स्ट्राइक के बारे में जानकारी दी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने CCS की बुलाई। पीएम मोदी द्वारा बुलाई गए सीसीएस की बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण आदि शामिलहुए।

इस एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय सेना को फुुल अलर्ट पर रखा गया है। सीमा पार हलचल बढ़ गई है। वायुसेना वॉर अलर्ट पर है। पाकिस्तान के किसी भी कदम का जवाब देने के लिए सेना को खुली छूट दे दी गई है।
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Monday, 7 January 2019

‘इस्लाम छोड़ दिया, घरवाले मार डालेंगे’, लड़की की मदद के लिए सुषमा से गुहार




नई दिल्ली : 18 साल की एक सऊदी महिला को थाइलैंड के बैंकॉक एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। ये महिला इस्लाम त्यागकर और सऊदी से भागकर ऑस्ट्रेलिया जा रही थी। इसके लिए उन्हें बैंकॉक एयरपोर्ट से फ्लाइट बदलनी थी, लेकिन फ्लाइट बदलने से पहले ही बैंकॉक एयरपोर्ट पर ही उन्हें रोक दिया गया। महिला का कहना है कि,अगर थाई अधिकारी उसे वापस सऊदी भेज देते हैं तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। महिला का नाम रहाफ मोहम्मद एम अल्कुनून हैं।

उन्होंने एएफपी से कहा कि जब वह (बैंकॉक के) स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट पर पहुंची तब उसे सऊदी और कुवैती अधिकारियों ने रोक लिया और उन्होंने उसके यात्रा से जुड़े कागजात भी छीन लिए। रहाफ के दावे का ह्यूमन राइट्स वाच ने समर्थन किया है। रहाफ ने कहा, उन्होंने मेरा पासपोर्ट ले लिया। उन्होंने कहा कि उनके अभिभावक ने बिना उनकी अनुमति के यात्रा करने की रिपोर्ट की थी। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार से भाग रही थी क्योंकि उन्हें शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जा रही थी।

रहाफ ने कहा, मेरा परिवार सख्त है और उसने मेरे बाल काटने पर छह महीने के लिए एक कमरे में बंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि अगर मुझे वापस भेजा गया तो पक्का ही मुझे कैद कर लिया जाएगा। उसने कहा, ये साफ है कि सऊदी जेल से निकलते ही वे मुझे मार डालेंगे। रहाफ ने कहा कि वह डरी हुई है और उसकी उम्मीद खत्म हो गई है। वहीं थाईलैंड के मुख्य आव्रजन अधिकारी सुरचाटे हाकपार्न ने कहा कि रहाफ जब रविवार को कुवैती से थाइलैंड पहुंची तो उन्हें रोक लिया गया। उन्होंने कहा, महिला के पास वापसी की टिकट और पैसे भी नहीं थे। वह एयरपोर्ट पर एक होटल में है।

उन्होंने कहा, वह शादी से बचने के लिए अपने परिवार से दूर भाग आई। उसे सऊदी अरब लौटने पर मुश्किलों में फंस जाने का डर है। हमने उसकी देखभाल के लिए अधिकारी भेजे हैं। उन्होंने कहा कि थाई प्रशासन ने मदद के लिए सऊदी अरब दूतावास से संपर्क किया है। लेकिन रहाफ ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि वह आस्ट्रेलिया में शरण लेने के लिए जा रही थी लेकि स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे सऊदी और कुवैती दूतावासों के प्रतिनिधियों ने रोक लिया।




नई दिल्ली : 18 साल की एक सऊदी महिला को थाइलैंड के बैंकॉक एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। ये महिला इस्लाम त्यागकर और सऊदी से भागकर ऑस्ट्रेलिया जा रही थी। इसके लिए उन्हें बैंकॉक एयरपोर्ट से फ्लाइट बदलनी थी, लेकिन फ्लाइट बदलने से पहले ही बैंकॉक एयरपोर्ट पर ही उन्हें रोक दिया गया। महिला का कहना है कि,अगर थाई अधिकारी उसे वापस सऊदी भेज देते हैं तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। महिला का नाम रहाफ मोहम्मद एम अल्कुनून हैं।

उन्होंने एएफपी से कहा कि जब वह (बैंकॉक के) स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट पर पहुंची तब उसे सऊदी और कुवैती अधिकारियों ने रोक लिया और उन्होंने उसके यात्रा से जुड़े कागजात भी छीन लिए। रहाफ के दावे का ह्यूमन राइट्स वाच ने समर्थन किया है। रहाफ ने कहा, उन्होंने मेरा पासपोर्ट ले लिया। उन्होंने कहा कि उनके अभिभावक ने बिना उनकी अनुमति के यात्रा करने की रिपोर्ट की थी। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार से भाग रही थी क्योंकि उन्हें शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जा रही थी।

रहाफ ने कहा, मेरा परिवार सख्त है और उसने मेरे बाल काटने पर छह महीने के लिए एक कमरे में बंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि अगर मुझे वापस भेजा गया तो पक्का ही मुझे कैद कर लिया जाएगा। उसने कहा, ये साफ है कि सऊदी जेल से निकलते ही वे मुझे मार डालेंगे। रहाफ ने कहा कि वह डरी हुई है और उसकी उम्मीद खत्म हो गई है। वहीं थाईलैंड के मुख्य आव्रजन अधिकारी सुरचाटे हाकपार्न ने कहा कि रहाफ जब रविवार को कुवैती से थाइलैंड पहुंची तो उन्हें रोक लिया गया। उन्होंने कहा, महिला के पास वापसी की टिकट और पैसे भी नहीं थे। वह एयरपोर्ट पर एक होटल में है।

उन्होंने कहा, वह शादी से बचने के लिए अपने परिवार से दूर भाग आई। उसे सऊदी अरब लौटने पर मुश्किलों में फंस जाने का डर है। हमने उसकी देखभाल के लिए अधिकारी भेजे हैं। उन्होंने कहा कि थाई प्रशासन ने मदद के लिए सऊदी अरब दूतावास से संपर्क किया है। लेकिन रहाफ ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि वह आस्ट्रेलिया में शरण लेने के लिए जा रही थी लेकि स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे सऊदी और कुवैती दूतावासों के प्रतिनिधियों ने रोक लिया।
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Tuesday, 20 November 2018

BJP प्रत्याशी को पहनाई जूतों की माला, वीडियो वायरल




नई दिल्ली : मध्य प्रदेश में नागदा-खाचरौद के भाजपा विधायक और प्रत्याशी दिलीप सिंह शेखावत को सोमवार शाम ग्राम खेड़ावदा में एक युवक ने जूते की माला पहना दी। हालांकि शेखावत ने तत्काल माला निकाल दी। बाद में उन्होंने और उनके समर्थकों ने युवक को दबोच लिया। इस दौरान हाथापाई भी हुई।

युवक खेड़ावदा के सरपंच का रिश्तेदार है। घटना को लेकर शेखावत ने बताया कि यह कांग्रेस प्रत्याशी दिलीप गुर्जर की साजिश है। गांव में मैंने 16 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए हैं।

जब घटना को लेकर सरपंच से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि गांव में किसी तरह की समस्या नहीं है। इस घटना का पांच मिनट के भीतर वीडियो बनाकर वायरल किया गया। उससे लगता है कि मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई है। यह वीडियो 10 सेकंड का है। 

देखें विडियो...





नई दिल्ली : मध्य प्रदेश में नागदा-खाचरौद के भाजपा विधायक और प्रत्याशी दिलीप सिंह शेखावत को सोमवार शाम ग्राम खेड़ावदा में एक युवक ने जूते की माला पहना दी। हालांकि शेखावत ने तत्काल माला निकाल दी। बाद में उन्होंने और उनके समर्थकों ने युवक को दबोच लिया। इस दौरान हाथापाई भी हुई।

युवक खेड़ावदा के सरपंच का रिश्तेदार है। घटना को लेकर शेखावत ने बताया कि यह कांग्रेस प्रत्याशी दिलीप गुर्जर की साजिश है। गांव में मैंने 16 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए हैं।

जब घटना को लेकर सरपंच से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि गांव में किसी तरह की समस्या नहीं है। इस घटना का पांच मिनट के भीतर वीडियो बनाकर वायरल किया गया। उससे लगता है कि मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई है। यह वीडियो 10 सेकंड का है। 

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WWE में कामयाब होने के बाद द रॉक के नक्शे-कदम पर चले जॉन सीना

जॉन सीना का नाम आज प्रोफेशनल रैसलिंग की दुनिया के बाहर भी बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। द लीडर ऑफ सीनेशन के नाम से मशहूर सीना ने WWE में वो सब कामयाबी हासिल की है, जिसका सपना लेकर कोई प्रो रैसलर बनने की राह पर चलता है। 27 जून, 2002 को जॉन सीना ने कर्ट एंगल के खिलाफ डेब्यू करते हुए जो छाप छोड़ी, वो आज 16 साल बाद भी पूरी तरह से कायम है।

पिछले डेढ़ दशक में अपने खून-पसीने से WWE को ग्लोबल ब्रांड बनाने में मदद करने वाले सीना अब एक अलग राह पर निकल गए हैं। दरअसल अब जॉन सीना WWE RAW या SmackDown के इवेंटों की बजाय बड़े परदे का रुख कर चुके हैं। सीना का ज्यादातर समय फिल्मों की शूटिंग, बड़े शो होस्ट करने में गुजर रहा है। 41 साल के जॉन सीना ने वही रास्ता इख्तियार कर लिया है, जिस रास्ते पर चलकर द रॉक आज हॉलीवुड में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एक्टर बने हैं।

WWE में शुरुआती कामयाबी के बाद 2006 में जॉन सीना पहली बार बड़े पर्दे पर नजर आए, जब उनकी फिल्म मरीन रिलीज़ हुई। तब से लेकर अब तक 'द फ्रेंचाइज़ प्लेयर' कई सारी फिल्मों का हिस्सा बन चुके हैं लेकिन शायद ही आपको जॉन सीना की किसी फिल्म का नाम याद होगा। दरअसल किसी बड़े बजट की फिल्म में काम करने के लिए काफी समय देना पड़ता है। WWE में फुल टाइम रैसलिंग करते हुए ऐसा कर पाना बड़ा ही मुश्किल होता है। WWE रॉ और स्मैकडाउन के रैसलर हफ्ते में 6 दिन काम और ट्रेवल ही करते रहते हैं। इस वजह से उनके लिए समय निकालना लगभग नामुमकिन है।

अब जॉन सीना के पास बड़े बजट की फिल्में आने शुरु हो गई हैं। सीना फिलहाल जैकी चेन जैसे सुपरस्टार के साथ फिल्म में काम कर रहे हैं। वहीं 2018 की क्रिसमस पर जॉन सीना की Bumblebee मूवी रिलीज़ हो रही है। ये ट्रांसफोर्मर्स फ्रैंचाइज़ी की फिल्म है।

शुरुआती फिल्मों और WWE के मामले में जॉन सीना और द रॉक का करियर एकदम अलग रहा है। जॉन सीना के करियर का आगाज यादगार रहा था, उनकी फिल्मों ने मेन स्ट्रीम फिल्म इंडस्ट्री में खास कामयाबी हासिल नहीं की, जबकि द रॉक के साथ इसका उल्टा हुआ था। रॉक को डेब्यू मैच में खास समर्थन नहीं मिला, जबकि उनकी पहली फिल्म ने ही कामयाबी के झंडे गाड़ दिए थे।

फिल्मों की अपार सफलता की वजह से द रॉक ने धीरे-धीरे रैसलिंग से किनारा कर लिया और वो WWE से हटकर अपना पूरा समय फिल्मों को देने लगे। हालांकि द रॉक रैसलमेनिया जैसे इवेंट में आकर शिरकत करते रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कई मैच भी लड़े हैं। द रॉक की फेमस फिल्मों में द ममी रिटर्न्स, द स्कोर्पियन किंग, फास्ट एंड फ्यूरियस, सैन एंड्रियाज़, बेवॉच जैसी बड़ी फिल्में शामिल हैं।

अब जॉन सीना को भी पता चल गया है कि उनके लिए WWE में हासिल करने के लिए कुछ नहीं बचा। रैसलिंग ना करने के बाद अब सीना के पास काफी समय है और बड़े प्रोड्यूसर-डायरेक्टर उन्हें अपनी फिल्मों में जरूर लेना चाहेंगे क्यों WWE की वजह से जॉन सीना एक ग्लोबल सुपरस्टार बन चुके हैं।

जॉन सीना का नाम आज प्रोफेशनल रैसलिंग की दुनिया के बाहर भी बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। द लीडर ऑफ सीनेशन के नाम से मशहूर सीना ने WWE में वो सब कामयाबी हासिल की है, जिसका सपना लेकर कोई प्रो रैसलर बनने की राह पर चलता है। 27 जून, 2002 को जॉन सीना ने कर्ट एंगल के खिलाफ डेब्यू करते हुए जो छाप छोड़ी, वो आज 16 साल बाद भी पूरी तरह से कायम है।

पिछले डेढ़ दशक में अपने खून-पसीने से WWE को ग्लोबल ब्रांड बनाने में मदद करने वाले सीना अब एक अलग राह पर निकल गए हैं। दरअसल अब जॉन सीना WWE RAW या SmackDown के इवेंटों की बजाय बड़े परदे का रुख कर चुके हैं। सीना का ज्यादातर समय फिल्मों की शूटिंग, बड़े शो होस्ट करने में गुजर रहा है। 41 साल के जॉन सीना ने वही रास्ता इख्तियार कर लिया है, जिस रास्ते पर चलकर द रॉक आज हॉलीवुड में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एक्टर बने हैं।

WWE में शुरुआती कामयाबी के बाद 2006 में जॉन सीना पहली बार बड़े पर्दे पर नजर आए, जब उनकी फिल्म मरीन रिलीज़ हुई। तब से लेकर अब तक 'द फ्रेंचाइज़ प्लेयर' कई सारी फिल्मों का हिस्सा बन चुके हैं लेकिन शायद ही आपको जॉन सीना की किसी फिल्म का नाम याद होगा। दरअसल किसी बड़े बजट की फिल्म में काम करने के लिए काफी समय देना पड़ता है। WWE में फुल टाइम रैसलिंग करते हुए ऐसा कर पाना बड़ा ही मुश्किल होता है। WWE रॉ और स्मैकडाउन के रैसलर हफ्ते में 6 दिन काम और ट्रेवल ही करते रहते हैं। इस वजह से उनके लिए समय निकालना लगभग नामुमकिन है।

अब जॉन सीना के पास बड़े बजट की फिल्में आने शुरु हो गई हैं। सीना फिलहाल जैकी चेन जैसे सुपरस्टार के साथ फिल्म में काम कर रहे हैं। वहीं 2018 की क्रिसमस पर जॉन सीना की Bumblebee मूवी रिलीज़ हो रही है। ये ट्रांसफोर्मर्स फ्रैंचाइज़ी की फिल्म है।

शुरुआती फिल्मों और WWE के मामले में जॉन सीना और द रॉक का करियर एकदम अलग रहा है। जॉन सीना के करियर का आगाज यादगार रहा था, उनकी फिल्मों ने मेन स्ट्रीम फिल्म इंडस्ट्री में खास कामयाबी हासिल नहीं की, जबकि द रॉक के साथ इसका उल्टा हुआ था। रॉक को डेब्यू मैच में खास समर्थन नहीं मिला, जबकि उनकी पहली फिल्म ने ही कामयाबी के झंडे गाड़ दिए थे।

फिल्मों की अपार सफलता की वजह से द रॉक ने धीरे-धीरे रैसलिंग से किनारा कर लिया और वो WWE से हटकर अपना पूरा समय फिल्मों को देने लगे। हालांकि द रॉक रैसलमेनिया जैसे इवेंट में आकर शिरकत करते रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कई मैच भी लड़े हैं। द रॉक की फेमस फिल्मों में द ममी रिटर्न्स, द स्कोर्पियन किंग, फास्ट एंड फ्यूरियस, सैन एंड्रियाज़, बेवॉच जैसी बड़ी फिल्में शामिल हैं।

अब जॉन सीना को भी पता चल गया है कि उनके लिए WWE में हासिल करने के लिए कुछ नहीं बचा। रैसलिंग ना करने के बाद अब सीना के पास काफी समय है और बड़े प्रोड्यूसर-डायरेक्टर उन्हें अपनी फिल्मों में जरूर लेना चाहेंगे क्यों WWE की वजह से जॉन सीना एक ग्लोबल सुपरस्टार बन चुके हैं।
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Sunday, 4 November 2018

भगवान राम की मूर्ति 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' से भी ऊंची होनी चाहिए : आजम खान




नई दिल्ली : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरयू नदी के तट पर भगवान राम की 151 मीटर की प्रतिमा लगाने का ऐलान कर सकते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के इस विचार का समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां (आजम खान) ने स्वागत किया है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आजम खान ने जोर देकर कहा कि भगवान राम की प्रतिमा, सरदार बल्लभ भाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से ऊंची होनी चाहिए। बता दें कि ऐसी संभावना है कि सीएम योगी सरयू नदी के पास 151 मीटर लंबे भगवान राम की स्टैच्यू की घोषणा कर सकते हैं। वहीं, गुजरात में बनाए गये सरदार पटेल की मूर्ति की ऊंचाई 182 मीटर है।

आजम खान ने कहा कि 'सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति बनाने के समय यह विचार क्यों नहीं आया? कोई क्यों भगवान राम की मूर्ति का विरोध करेगा? मैं रामपुर में भगवान राम की एक ऊंची मूर्ति चाहूंगा।"

बता दें कि उम्मीद की जा रही है कि भगवान राम की मूर्ति के संबंध में घोषणा अगले सप्ताह आयोजित होने वाली दीपावली उत्सव के दौरान की जाएगी, जब योग आदित्यनाथ अयोध्या में होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या के संत स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तरह भगवान राम की मूर्ति के निर्माण के लिए दबाव डाल रहे हैं।

गुजरात के साधु-बेट द्वीप पर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की मूर्ति 182 मीटर ऊंची है और 20,000 वर्ग मीटर में फैली है और 12 वर्ग किमी कृत्रिम झील से घिरा हुआ है। इसका अनावरण पीएम मोदी ने सरदार पटेल की 143 वी जयंती के मौके पर की थी।




नई दिल्ली : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरयू नदी के तट पर भगवान राम की 151 मीटर की प्रतिमा लगाने का ऐलान कर सकते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के इस विचार का समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां (आजम खान) ने स्वागत किया है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आजम खान ने जोर देकर कहा कि भगवान राम की प्रतिमा, सरदार बल्लभ भाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से ऊंची होनी चाहिए। बता दें कि ऐसी संभावना है कि सीएम योगी सरयू नदी के पास 151 मीटर लंबे भगवान राम की स्टैच्यू की घोषणा कर सकते हैं। वहीं, गुजरात में बनाए गये सरदार पटेल की मूर्ति की ऊंचाई 182 मीटर है।

आजम खान ने कहा कि 'सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति बनाने के समय यह विचार क्यों नहीं आया? कोई क्यों भगवान राम की मूर्ति का विरोध करेगा? मैं रामपुर में भगवान राम की एक ऊंची मूर्ति चाहूंगा।"

बता दें कि उम्मीद की जा रही है कि भगवान राम की मूर्ति के संबंध में घोषणा अगले सप्ताह आयोजित होने वाली दीपावली उत्सव के दौरान की जाएगी, जब योग आदित्यनाथ अयोध्या में होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या के संत स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तरह भगवान राम की मूर्ति के निर्माण के लिए दबाव डाल रहे हैं।

गुजरात के साधु-बेट द्वीप पर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की मूर्ति 182 मीटर ऊंची है और 20,000 वर्ग मीटर में फैली है और 12 वर्ग किमी कृत्रिम झील से घिरा हुआ है। इसका अनावरण पीएम मोदी ने सरदार पटेल की 143 वी जयंती के मौके पर की थी।
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Friday, 26 October 2018

सैनेटरी पैड वाले बयान पर स्मृति ईरानी ने इस तस्वीर से दिया जवाब....


नई दिल्ली : सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के दाखिले पर लगे प्रतिबंध को लेकर बीते दिनों केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का बयान चर्चा में रहा था। उन्होंने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि पूजा करने के अधिकार का यह मतलब नहीं है कि आपको अपवित्र करने का भी अधिकार प्राप्त है।



सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 28 सितंबर को मंदिर में माहवारी आयु वर्ग (10 से 50 वर्ष) की महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटा दिया था। सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ प्रदर्शनों के चलते महिलाओं को सबरीमला मंदिर में जाने से रोक दिया गया।

स्मृति ईरानी ने कहा, ‘‘मैं उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ बोलने वाली कोई नहीं हूं, क्योंकि मैं एक कैबिनेट मंत्री हूं। लेकिन यह साधारण-सी बात है क्या आप माहवारी के खून से सना नैपकिन लेकर चलेंगे और किसी दोस्त के घर में जाएंगे। आप ऐसा नहीं करेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘क्या आपको लगता है कि भगवान के घर ऐसे जाना सम्मानजनक है? यही फर्क है। मुझे पूजा करने का अधिकार है लेकिन अपवित्र करने का अधिकार नहीं है। यही फर्क है कि हमें इसे पहचानने तथा सम्मान करने की जरूरत है।''   

स्मृति ईरानी ने मुंबई में ब्रिटिश हाई कमीशन और आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित "यंग थिंकर्स" कान्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हिंदू धर्म को मानती हूं और मैंने एक पारसी व्यक्ति से शादी की। मैंने यह सुनिश्चित किया कि मेरे दोनों बच्चे पारसी धर्म को मानें, जो आतिश बेहराम जा सकते हैं।'' आतिश बेहराम पारसियों का प्रार्थना स्थल होता है।

स्मृति ईरानी ने याद किया जब उनके बच्चे आतिश बेहराम के अंदर जाते थे तो उन्हें सड़क पर या कार में बैठना पड़ता था। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं अपने नवजात बेटे को आतिश बेहराम लेकर गई तो मैंने उसे मंदिर के द्वार पर अपने पति को सौंप दिया और बाहर इंतजार किया क्योंकि मुझे दूर रहने और वहां खड़े न रहने के लिए कहा गया।''

ट्रोलर्स को दिया जवाब :-

स्मृति ईरानी के महिलाओं के सैनेटरी पैड वाले इस बयान की सोशल मीडिया पर एक धड़े ने काफी आलोचना की। उन्हें ट्विटर पर ट्रोल किया। जिस पर स्मृति ईरानी ने जवाब के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया। उन्होंने गुरुवार को इंस्टा पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए कैप्शन लिखा-हम बोलेगा तो बोलोगे कि बोलता है। दरअसल यह तस्वीर क्योंकि सास भी कभी बहू थी, टीवी सीरियल के एक दृश्य का था। जिसमें स्मृति ईरानी का रस्सियों से हाथ और पैर बंधा हुआ है। वह बोल न सकें, इसलिए मुंह को रुमाल से बांधा गया है। उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।


नई दिल्ली : सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के दाखिले पर लगे प्रतिबंध को लेकर बीते दिनों केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का बयान चर्चा में रहा था। उन्होंने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि पूजा करने के अधिकार का यह मतलब नहीं है कि आपको अपवित्र करने का भी अधिकार प्राप्त है।



सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 28 सितंबर को मंदिर में माहवारी आयु वर्ग (10 से 50 वर्ष) की महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटा दिया था। सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ प्रदर्शनों के चलते महिलाओं को सबरीमला मंदिर में जाने से रोक दिया गया।

स्मृति ईरानी ने कहा, ‘‘मैं उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ बोलने वाली कोई नहीं हूं, क्योंकि मैं एक कैबिनेट मंत्री हूं। लेकिन यह साधारण-सी बात है क्या आप माहवारी के खून से सना नैपकिन लेकर चलेंगे और किसी दोस्त के घर में जाएंगे। आप ऐसा नहीं करेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘क्या आपको लगता है कि भगवान के घर ऐसे जाना सम्मानजनक है? यही फर्क है। मुझे पूजा करने का अधिकार है लेकिन अपवित्र करने का अधिकार नहीं है। यही फर्क है कि हमें इसे पहचानने तथा सम्मान करने की जरूरत है।''   

स्मृति ईरानी ने मुंबई में ब्रिटिश हाई कमीशन और आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित "यंग थिंकर्स" कान्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हिंदू धर्म को मानती हूं और मैंने एक पारसी व्यक्ति से शादी की। मैंने यह सुनिश्चित किया कि मेरे दोनों बच्चे पारसी धर्म को मानें, जो आतिश बेहराम जा सकते हैं।'' आतिश बेहराम पारसियों का प्रार्थना स्थल होता है।

स्मृति ईरानी ने याद किया जब उनके बच्चे आतिश बेहराम के अंदर जाते थे तो उन्हें सड़क पर या कार में बैठना पड़ता था। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं अपने नवजात बेटे को आतिश बेहराम लेकर गई तो मैंने उसे मंदिर के द्वार पर अपने पति को सौंप दिया और बाहर इंतजार किया क्योंकि मुझे दूर रहने और वहां खड़े न रहने के लिए कहा गया।''

ट्रोलर्स को दिया जवाब :-

स्मृति ईरानी के महिलाओं के सैनेटरी पैड वाले इस बयान की सोशल मीडिया पर एक धड़े ने काफी आलोचना की। उन्हें ट्विटर पर ट्रोल किया। जिस पर स्मृति ईरानी ने जवाब के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया। उन्होंने गुरुवार को इंस्टा पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए कैप्शन लिखा-हम बोलेगा तो बोलोगे कि बोलता है। दरअसल यह तस्वीर क्योंकि सास भी कभी बहू थी, टीवी सीरियल के एक दृश्य का था। जिसमें स्मृति ईरानी का रस्सियों से हाथ और पैर बंधा हुआ है। वह बोल न सकें, इसलिए मुंह को रुमाल से बांधा गया है। उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
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