Thursday, 17 August 2017

खुलासा ! बिना PAN और पते के BJP ने लिया 705 करोड़ का चंदा

नई दिल्ली : राजनीतिक दल और उन्हें मददगार कॉरपोरेट घराने 20 हजार रुपये से ज्यादा की चंदा राशि पर पैन अनिवार्य करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना कर रहे हैं।



चुनाव में पारदर्शिता की लड़ाई लड़ रहे एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स (एडीआर) की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार 2012-13 से 2015-16 की चार साल की अवधि में भाजपा और कांग्रेस सहित पांच राजनीतिक दलों को कॉरपोरेट स्रोतों से 956.77 करोड़  रुपये का चंदा मिला, लेकिन इसमें से 729 करोड़ रुपये बिना पैन और पते के थे।

इनमें से भी 159.59 करोड़ रुपये के चंदे में न तो पैन था और न ही पता। इस तरह के चंदे का 99 फीसदी भाजपा के खाते में गया है।

इस अवधि में राजनीतिक दलों में सबसे ज्यादा चंदा भाजपा को मिला। पार्टी को 2987 दानकर्ताओं से 705.81 करोड़, कांग्रेस को 167 दानकर्ताओं से 198.16 करोड़ रुपये का चंदा मिला। पार्टियों को सबसे ज्यादा चंदा 2014-15 में मिला, जिस साल लोकसभा के चुनाव हुए थे। चार साल के कुल कॉरपोरेट चंदे की 60 फीसदी राशि इसी एक साल में मिली।

राजनीतिक दलों को चंदा देने में रियल एस्टेट, ट्रस्ट और समूह कंपनियां सबसे आगे हैं। इस अवधि में सबसे ज्यादा 260.87 करोड़ रुपये का चंदा सत्य इलेक्टोरल ट्रस्ट ने दिए हैं। इसमें से भाजपा को 193.62 और कांग्रेस को 57.25 करोड़ हासिल हुए।जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट दूसरे नंबर पर है।

उसने दोनों पार्टियों को 124 करोड़ रुपये का चंदा दिया। दोनों कम्युनिस्ट पार्टियों भाकपा और माकपा को सबसे ज्यादा चंदा संगठनों और यूनियनों से प्राप्त हुए।

बता दे की इससे पहले एडीआर ने 2004-05 से 2011-12 तक आठ साल के लिए राजनीतिक चंदे की रिपोर्ट जारी की थी। उसमें राष्ट्रीय दलों को कुल 378.89 करोड़ रुपये का चंदा मिला था, जबकि इसके बाद से चार वर्षों में यह बढ़कर 956.77 करोड़ रुपये हो गई।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला :-


शीर्ष अदालत के 13 सितंबर, 2013 के  फैसले के अनुसार 20 हजार रुपये से ज्यादा का चंदा देने वाले व्यक्ति या संस्था को अपना पैन नंबर देना अनिवार्य है। राजनीतिक दल के लिए ऐसे सभी चंदे का ब्यौरा चुनाव आयोग को देते समय इसके लिए निर्धारित फॉर्म 24ए की सभी प्रविष्टियां भरना जरूरी है। 

नई दिल्ली : राजनीतिक दल और उन्हें मददगार कॉरपोरेट घराने 20 हजार रुपये से ज्यादा की चंदा राशि पर पैन अनिवार्य करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना कर रहे हैं।



चुनाव में पारदर्शिता की लड़ाई लड़ रहे एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स (एडीआर) की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार 2012-13 से 2015-16 की चार साल की अवधि में भाजपा और कांग्रेस सहित पांच राजनीतिक दलों को कॉरपोरेट स्रोतों से 956.77 करोड़  रुपये का चंदा मिला, लेकिन इसमें से 729 करोड़ रुपये बिना पैन और पते के थे।

इनमें से भी 159.59 करोड़ रुपये के चंदे में न तो पैन था और न ही पता। इस तरह के चंदे का 99 फीसदी भाजपा के खाते में गया है।

इस अवधि में राजनीतिक दलों में सबसे ज्यादा चंदा भाजपा को मिला। पार्टी को 2987 दानकर्ताओं से 705.81 करोड़, कांग्रेस को 167 दानकर्ताओं से 198.16 करोड़ रुपये का चंदा मिला। पार्टियों को सबसे ज्यादा चंदा 2014-15 में मिला, जिस साल लोकसभा के चुनाव हुए थे। चार साल के कुल कॉरपोरेट चंदे की 60 फीसदी राशि इसी एक साल में मिली।

राजनीतिक दलों को चंदा देने में रियल एस्टेट, ट्रस्ट और समूह कंपनियां सबसे आगे हैं। इस अवधि में सबसे ज्यादा 260.87 करोड़ रुपये का चंदा सत्य इलेक्टोरल ट्रस्ट ने दिए हैं। इसमें से भाजपा को 193.62 और कांग्रेस को 57.25 करोड़ हासिल हुए।जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट दूसरे नंबर पर है।

उसने दोनों पार्टियों को 124 करोड़ रुपये का चंदा दिया। दोनों कम्युनिस्ट पार्टियों भाकपा और माकपा को सबसे ज्यादा चंदा संगठनों और यूनियनों से प्राप्त हुए।

बता दे की इससे पहले एडीआर ने 2004-05 से 2011-12 तक आठ साल के लिए राजनीतिक चंदे की रिपोर्ट जारी की थी। उसमें राष्ट्रीय दलों को कुल 378.89 करोड़ रुपये का चंदा मिला था, जबकि इसके बाद से चार वर्षों में यह बढ़कर 956.77 करोड़ रुपये हो गई।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला :-


शीर्ष अदालत के 13 सितंबर, 2013 के  फैसले के अनुसार 20 हजार रुपये से ज्यादा का चंदा देने वाले व्यक्ति या संस्था को अपना पैन नंबर देना अनिवार्य है। राजनीतिक दल के लिए ऐसे सभी चंदे का ब्यौरा चुनाव आयोग को देते समय इसके लिए निर्धारित फॉर्म 24ए की सभी प्रविष्टियां भरना जरूरी है। 
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सड़कों पर नमाज नहीं रोक सकता, तो थानों में जन्माष्टमी क्यों रोकूं : योगी आदित्यनाथ

नई दिल्ली : यूपी के CM योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों और कांवड़ यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल, सड़कों पर नमाज़ पढ़ने और पुलिस थानों में जन्माष्टमी मनाने को लेकर बड़ा बयान दिया है।



सीएम योगी ने कहा है कि अगर ईद के दिन सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक नहीं लग सकती तो थानों में जन्माष्टमी मनाने पर भी रोक नहीं लग सकती। यही नहीं कांवड़ यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर बजाने की छूट की वकालत करते हुए योगी ने कहा कि अगर रोक लगनी है तो हर धर्मस्थल पर लगे।

सीएम योगी कल आरएसएस की केशव संवाद पत्रिका के विशेषांक का लोकार्पण कर रहे थे। सीएम योगी ने इस दौरान पूर्व सपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ‘’सड़क पर ईद की नमाज नहीं रोक सकते तो थानों, पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगाने का हक नहीं है।’’

योगी ने कहा, ‘’मुझे एक बात को लेकर बहुत हैरानी हो रही थी। कहा गया था कि कांवड के दौरान कोई माइक कोई लाउडस्पीकर नहीं बजेगा। तो मैंने कहा वह कांवड यात्रा है या शव यात्रा है? अगर कांवड यात्रा में ढोल, नगारे, चीमटे और डमरु नहीं बजेगा, लोग नाचेंगे गाएंगे नहीं तो फिर वह कांवड यात्रा कैसे हुई?” उन्होंने कहा, ”यूपी के अंदर कावंड के दौरान लाउडस्पीकर बजाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा। मैं आदेश देता हूं कि कांवड यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश होनी चाहिए।

वहीं, अंत्योदय पर योगी ने कहा, ‘’अंत्योदय के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने पांच दशक पहले जिन मूल्यों और मुद्दों को सामने रखा, देश और प्रदेश सरकार उनका अनुसरण करते हुए मजबूती से आगे बढ़ रही है। अंत्योदय देश, दुनिया की चुनौतियों से जुड़ा ऐसा मुद्दा है जो हर देश, काल और परिस्थिति में शाश्वत है।’’


उन्होंने कहा, ‘’प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन योजना में अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के बैंक खाते इसीलिए खुलवाए क्योंकि उनके पास पंडित दीनदयाल की अंत्योदय की सोच थी।’’

नई दिल्ली : यूपी के CM योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों और कांवड़ यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल, सड़कों पर नमाज़ पढ़ने और पुलिस थानों में जन्माष्टमी मनाने को लेकर बड़ा बयान दिया है।



सीएम योगी ने कहा है कि अगर ईद के दिन सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक नहीं लग सकती तो थानों में जन्माष्टमी मनाने पर भी रोक नहीं लग सकती। यही नहीं कांवड़ यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर बजाने की छूट की वकालत करते हुए योगी ने कहा कि अगर रोक लगनी है तो हर धर्मस्थल पर लगे।

सीएम योगी कल आरएसएस की केशव संवाद पत्रिका के विशेषांक का लोकार्पण कर रहे थे। सीएम योगी ने इस दौरान पूर्व सपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ‘’सड़क पर ईद की नमाज नहीं रोक सकते तो थानों, पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगाने का हक नहीं है।’’

योगी ने कहा, ‘’मुझे एक बात को लेकर बहुत हैरानी हो रही थी। कहा गया था कि कांवड के दौरान कोई माइक कोई लाउडस्पीकर नहीं बजेगा। तो मैंने कहा वह कांवड यात्रा है या शव यात्रा है? अगर कांवड यात्रा में ढोल, नगारे, चीमटे और डमरु नहीं बजेगा, लोग नाचेंगे गाएंगे नहीं तो फिर वह कांवड यात्रा कैसे हुई?” उन्होंने कहा, ”यूपी के अंदर कावंड के दौरान लाउडस्पीकर बजाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा। मैं आदेश देता हूं कि कांवड यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश होनी चाहिए।

वहीं, अंत्योदय पर योगी ने कहा, ‘’अंत्योदय के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने पांच दशक पहले जिन मूल्यों और मुद्दों को सामने रखा, देश और प्रदेश सरकार उनका अनुसरण करते हुए मजबूती से आगे बढ़ रही है। अंत्योदय देश, दुनिया की चुनौतियों से जुड़ा ऐसा मुद्दा है जो हर देश, काल और परिस्थिति में शाश्वत है।’’


उन्होंने कहा, ‘’प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन योजना में अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के बैंक खाते इसीलिए खुलवाए क्योंकि उनके पास पंडित दीनदयाल की अंत्योदय की सोच थी।’’
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Wednesday, 16 August 2017

81 लाख आधार कार्ड हुए इनऐक्टिव, ऐसे चेक करें आपका सही है या नहीं!

नई दिल्ली : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अब तक 81 लाख आधार नंबर को डीएक्टिवेट कर दिया है। 11 अगस्त को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी के राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने राज्यसभा में इसकी जानकारी दी थी।



कहीं आपका भी आधार नंबर तो इनऐक्टिव नहीं हो गया? आइए जानते हैं कि इसका पता कैसे लगाया जा सकता है...

# आधार नंबर कई कारणों से डीएक्टिवेट किए गए हैं जिनका जिक्र आधार (एनरॉलमेंट ऐंड अपडेट) रेग्युलेशंस, 2016 के सेक्शन 27 और 28 में है। इसके तहत अगर किसी व्यक्ति को एक से ज्यादा आधार नंबर जारी हो गया है या उसके बायोमेट्रिक डेटा और सपॉर्टिंग डॉक्युमेंट्स में कुछ गड़बड़ी है तो उसका आधार नंबर बंद किया जा सकता है। चौधरी ने बताया कि UIDAI के क्षेत्रीय कार्यालयों को आधार नंबर डीएक्टिवेट करने का अधिकार है।

# 5 साल से पहले के बच्चे का आधार कार्ड बनवाया गया हो तो उसके 5 साल पूरा करने के 2 साल के अंदर बायोमेट्रिक डेटा अपडेट कराना होता है। ऐसा नहीं करने पर आधार नंबर डीएक्टिवेट या कैंसल हो सकता है।

# UIDAI की वेबसाइट के होमपेज पर आधार सर्विस टैब पर जाएं। यहां आपको 'Verify Aadhaar Number' का एक ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज खुल जाएगा।

# नए खुले पेज पर अपना आधार नंबर, कैप्चा डालकर वेरिफाइ बटन पर क्लिक करें। अगर हरे रंग का सही का चिह्न आता है तो आपका आधार कार्ड ऐक्टिव है।

# अगर आपका आधार कार्ड इनऐक्टिव हो गया है तो आपको जरूरी दस्तावेजों के साथ नजदीकी पंजीकरण केंद्र पर जाना होगा। आपको आधार अपडेट फॉर्म भरना होगा, जिसके बाद आपका बोयमेट्रिक डेटा अपडेट हो जाएगा। इसके लिए आपको 25 रुपये देने होंगे। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा।


# चूंकि आधार अपडेट करने के लिए आपके बायोमेट्रिक डेटा का अपडेशन भी जरूरी होगा, इसलिए आपको व्यक्तिगत रूप से आधार सेंटर पर जाना ही होगा। यह काम ऑनलाइ या पोस्ट के जरिए नहीं हो सकता। एनरॉलमेंट सेंटर पर आपके नए बायोमेट्रिक्स को पुराने वाले से मिलाया जाएगा। अगर दोनों मैच कर जाएंगे तो आधार अपडेट हो जाएगा।

नई दिल्ली : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अब तक 81 लाख आधार नंबर को डीएक्टिवेट कर दिया है। 11 अगस्त को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी के राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने राज्यसभा में इसकी जानकारी दी थी।



कहीं आपका भी आधार नंबर तो इनऐक्टिव नहीं हो गया? आइए जानते हैं कि इसका पता कैसे लगाया जा सकता है...

# आधार नंबर कई कारणों से डीएक्टिवेट किए गए हैं जिनका जिक्र आधार (एनरॉलमेंट ऐंड अपडेट) रेग्युलेशंस, 2016 के सेक्शन 27 और 28 में है। इसके तहत अगर किसी व्यक्ति को एक से ज्यादा आधार नंबर जारी हो गया है या उसके बायोमेट्रिक डेटा और सपॉर्टिंग डॉक्युमेंट्स में कुछ गड़बड़ी है तो उसका आधार नंबर बंद किया जा सकता है। चौधरी ने बताया कि UIDAI के क्षेत्रीय कार्यालयों को आधार नंबर डीएक्टिवेट करने का अधिकार है।

# 5 साल से पहले के बच्चे का आधार कार्ड बनवाया गया हो तो उसके 5 साल पूरा करने के 2 साल के अंदर बायोमेट्रिक डेटा अपडेट कराना होता है। ऐसा नहीं करने पर आधार नंबर डीएक्टिवेट या कैंसल हो सकता है।

# UIDAI की वेबसाइट के होमपेज पर आधार सर्विस टैब पर जाएं। यहां आपको 'Verify Aadhaar Number' का एक ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज खुल जाएगा।

# नए खुले पेज पर अपना आधार नंबर, कैप्चा डालकर वेरिफाइ बटन पर क्लिक करें। अगर हरे रंग का सही का चिह्न आता है तो आपका आधार कार्ड ऐक्टिव है।

# अगर आपका आधार कार्ड इनऐक्टिव हो गया है तो आपको जरूरी दस्तावेजों के साथ नजदीकी पंजीकरण केंद्र पर जाना होगा। आपको आधार अपडेट फॉर्म भरना होगा, जिसके बाद आपका बोयमेट्रिक डेटा अपडेट हो जाएगा। इसके लिए आपको 25 रुपये देने होंगे। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा।


# चूंकि आधार अपडेट करने के लिए आपके बायोमेट्रिक डेटा का अपडेशन भी जरूरी होगा, इसलिए आपको व्यक्तिगत रूप से आधार सेंटर पर जाना ही होगा। यह काम ऑनलाइ या पोस्ट के जरिए नहीं हो सकता। एनरॉलमेंट सेंटर पर आपके नए बायोमेट्रिक्स को पुराने वाले से मिलाया जाएगा। अगर दोनों मैच कर जाएंगे तो आधार अपडेट हो जाएगा।
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अमेरिका ने खोली पाकिस्तान की पोल, कहा - खतरे में है हिंदुओं की धार्मिक आजादी!

नई दिल्ली : अमेरिका द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में सिख, ईसाई और हिंदू जैसे अल्पसंख्यक जबरन धर्मांतरण के डर में रहते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अल्पसंख्यकों को यह चिंता भी है कि पाकिस्तान सरकार जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठा पाती है।



अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन द्वारा जारी एक रिपोर्ट में ये बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और धार्मिक आजादी को संरक्षण नहीं दिया जा रहा है।

इसके अलावा पाकिस्तान में हुक्मरानों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर हिंदू, सिख और ईसाइयों की आजादी सुनिश्चित करने वालों कानूनों पर सही ढंग से अमल नहीं किया जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों का कहना है कि अल्पसंख्यकों को जबरन इस्लाम कबूल करिवाने से रोकने में सरकार द्वारा उठाए गए कदम नाकाफी हैं। पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता पर खतरा है, वहां दो दर्जन से अधिक लोग ईशनिंदा के कारण या तो फांसी का इंतजार कर रहे हैं या उम्रकैद काट रहे हैं।


रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार अल्पसंख्यकों को ईंट बनाने जैसी बंधुआ मजदूरी से नहीं बचा पा रही है। ईंट बनाने और खेती से जुडे़ क्षेत्रों में ईसाई और हिंदूओं को बंधुआ मजदूर रखा जाता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंदू और सिख नेताओं का कहना है कि अल्पसंख्यकों को शादी रजिस्टर कराने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

नई दिल्ली : अमेरिका द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में सिख, ईसाई और हिंदू जैसे अल्पसंख्यक जबरन धर्मांतरण के डर में रहते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अल्पसंख्यकों को यह चिंता भी है कि पाकिस्तान सरकार जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठा पाती है।



अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन द्वारा जारी एक रिपोर्ट में ये बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और धार्मिक आजादी को संरक्षण नहीं दिया जा रहा है।

इसके अलावा पाकिस्तान में हुक्मरानों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर हिंदू, सिख और ईसाइयों की आजादी सुनिश्चित करने वालों कानूनों पर सही ढंग से अमल नहीं किया जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों का कहना है कि अल्पसंख्यकों को जबरन इस्लाम कबूल करिवाने से रोकने में सरकार द्वारा उठाए गए कदम नाकाफी हैं। पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता पर खतरा है, वहां दो दर्जन से अधिक लोग ईशनिंदा के कारण या तो फांसी का इंतजार कर रहे हैं या उम्रकैद काट रहे हैं।


रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार अल्पसंख्यकों को ईंट बनाने जैसी बंधुआ मजदूरी से नहीं बचा पा रही है। ईंट बनाने और खेती से जुडे़ क्षेत्रों में ईसाई और हिंदूओं को बंधुआ मजदूर रखा जाता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंदू और सिख नेताओं का कहना है कि अल्पसंख्यकों को शादी रजिस्टर कराने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
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चोटी कटते ही महिला ने दबोच लिया 'चोटीकटवा', देखें वीडियो...

पिछले कई दिनों से देशभर में हो रही चोटी काटने की घटनाओं से महिलाएं दहशत में हैं, इससे बचने के लिए कई तरह के टोने-टोटके भी किए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने तो इसके पीछे किसी चुड़ैल या तांत्रिक गिरोह का हाथ बताया था, जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा है।



इस सब के बीच जिले के गणेशपुरा में रहने वाले लोगों ने एक युवती के बाल काटते हुए एक कीड़े को पकड़ा है, जो मुंह से बाल उगल रहा है, यहां के स्थानीय लोगों का दावा है कि यही वो कीड़ा है, जो महिलाओं की चोटी काटता है।  दरअसल, गणेशपुरा इलाके में रहने वाले बंटी गुर्जर की बहन सो रही थी, उसी समय उसे अहसास हुआ कि कोई उसके बाल काट रहा है, तो उसने हाथ लगाकर देखा तो यह कीड़ा था।

जिसके बाद उसने अपने भाई को बुलाया, भाई ने इस कीड़े को पकड़ा, जो अपने मुंह से बाल उगल रहा था। चोटी काटने वाला कीड़ा पकड़े जाने की खबर जैसे ही मोहल्ले वालों को लगी, तो कीड़े को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।


देखें विडियो..


पिछले कई दिनों से देशभर में हो रही चोटी काटने की घटनाओं से महिलाएं दहशत में हैं, इससे बचने के लिए कई तरह के टोने-टोटके भी किए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने तो इसके पीछे किसी चुड़ैल या तांत्रिक गिरोह का हाथ बताया था, जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा है।



इस सब के बीच जिले के गणेशपुरा में रहने वाले लोगों ने एक युवती के बाल काटते हुए एक कीड़े को पकड़ा है, जो मुंह से बाल उगल रहा है, यहां के स्थानीय लोगों का दावा है कि यही वो कीड़ा है, जो महिलाओं की चोटी काटता है।  दरअसल, गणेशपुरा इलाके में रहने वाले बंटी गुर्जर की बहन सो रही थी, उसी समय उसे अहसास हुआ कि कोई उसके बाल काट रहा है, तो उसने हाथ लगाकर देखा तो यह कीड़ा था।

जिसके बाद उसने अपने भाई को बुलाया, भाई ने इस कीड़े को पकड़ा, जो अपने मुंह से बाल उगल रहा था। चोटी काटने वाला कीड़ा पकड़े जाने की खबर जैसे ही मोहल्ले वालों को लगी, तो कीड़े को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।


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Tuesday, 15 August 2017

देशभक्ति का जागा ऐसा प्रेम की बन्दर ने भी फहरा दिया तिरंगा, देखें विडियो...

सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा है। जो की है तो बड़ा शैतानी वाला लेकिन कभी कभी शैतानी मैं भी भलाई हो ही जाती है।



दरअसल इस विडियो में एक बन्दर शैतानी करते हुए तिरंगे के खम्बे पर ऊपर चढ़ गया और झंडे की डोरी को ऊपर से ही खोलकर लहरा दिया। वैसे ये सुनने में तो कुछ अजीब नही होगा लेकिन जब आप इसे देखेंगे तो आपको शायद अच्छा लगे।


देखें विडियो...


सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा है। जो की है तो बड़ा शैतानी वाला लेकिन कभी कभी शैतानी मैं भी भलाई हो ही जाती है।



दरअसल इस विडियो में एक बन्दर शैतानी करते हुए तिरंगे के खम्बे पर ऊपर चढ़ गया और झंडे की डोरी को ऊपर से ही खोलकर लहरा दिया। वैसे ये सुनने में तो कुछ अजीब नही होगा लेकिन जब आप इसे देखेंगे तो आपको शायद अच्छा लगे।


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अंबानी की कंपनी पर मोदी सरकार ने लगाया 1700 करोड़ का जुर्माना!

नई दिल्ली : मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज पर भाजपा नीत केंद्र सरकार ने 1700 करोड़ का जुर्माना लगाया है। केंद्र सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और उसकी सहयोगी कंपनियों पर बंगाल की खाड़ी में चल रही परियोजना में तय लक्ष्य से कम गैस का उत्पादन करने के मामले में यह कार्रवाई की है।



कंपनी पर 26.4 करोड़ डालर यानी करीब 1,700 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। कृष्णा-गोदावरी बेसिन के फील्ड डी6 में साल 2015-16 के दौरान तय लक्ष्य से कम उत्पादन के मामले में यह कार्रवाई की गई है। केजी-डी6 परियोजना में आरआईएल के साथ ब्रिटेन की कंपनी बीपी और कनाडाई कंपनी निको रिसोर्सेज शामिल हैं।

पाठकों को बता दे की इसके पहले भी रिलायंस पर जुर्माना लग चुका है। अप्रैल 2010 में शुरू हुई इस परियोजना के दौरान बीते छह सालों में उत्पादन लक्ष्य से पीछे रहने के कारण कंपनी पर कुल 3.02 अरब डॉलर 196 अरब रुपए का जुर्माना लगाया जा चुका है।

रिलायंस को यह जुर्माना सीधे तौर पर नहीं देना होगा। सरकार के लाभांश को बढ़ाकर यह जुर्माना वसूल किया जाएगा। परियोजना की गैस और तेल की बिक्री से होने वाली आमदनी से अब कंपनी लागत नहीं निकाल सकेगी। परिेयोजना का विकास एवं परिचालन वसूलने पर पाबंदी से उत्पादन लाभ में सरकार का हिस्सा बढ़ेगा।

सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, परियोजना विकास पर लागत-वसूली की रोक के आधार पर सरकार ने अपने हिस्से के लाभ में अतिरिक्त 17.5 करोड़ डालर यानी 1135 करोड़ रुपए का दावा किया है।


जानकारी के मुताबिक  इस परियोजना के धीरूभाई अंबानी-1 और 3 गैस फील्ड में प्रतिदिन 8 करोड़ घनफुट गैस के उत्पादन के लक्ष्य से साथ परियोजना खर्च की मंजूरी दी गई थी। लेकिन 2011-12 में उत्पादन 3.533 करोड़ घन मीटर, 2012-13 में 2.088 करोड़ घन मीटर तथा 2013-14 में घट कर 97.7 लाख घन मीटर दैनिक रह गया।

नई दिल्ली : मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज पर भाजपा नीत केंद्र सरकार ने 1700 करोड़ का जुर्माना लगाया है। केंद्र सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और उसकी सहयोगी कंपनियों पर बंगाल की खाड़ी में चल रही परियोजना में तय लक्ष्य से कम गैस का उत्पादन करने के मामले में यह कार्रवाई की है।



कंपनी पर 26.4 करोड़ डालर यानी करीब 1,700 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। कृष्णा-गोदावरी बेसिन के फील्ड डी6 में साल 2015-16 के दौरान तय लक्ष्य से कम उत्पादन के मामले में यह कार्रवाई की गई है। केजी-डी6 परियोजना में आरआईएल के साथ ब्रिटेन की कंपनी बीपी और कनाडाई कंपनी निको रिसोर्सेज शामिल हैं।

पाठकों को बता दे की इसके पहले भी रिलायंस पर जुर्माना लग चुका है। अप्रैल 2010 में शुरू हुई इस परियोजना के दौरान बीते छह सालों में उत्पादन लक्ष्य से पीछे रहने के कारण कंपनी पर कुल 3.02 अरब डॉलर 196 अरब रुपए का जुर्माना लगाया जा चुका है।

रिलायंस को यह जुर्माना सीधे तौर पर नहीं देना होगा। सरकार के लाभांश को बढ़ाकर यह जुर्माना वसूल किया जाएगा। परियोजना की गैस और तेल की बिक्री से होने वाली आमदनी से अब कंपनी लागत नहीं निकाल सकेगी। परिेयोजना का विकास एवं परिचालन वसूलने पर पाबंदी से उत्पादन लाभ में सरकार का हिस्सा बढ़ेगा।

सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, परियोजना विकास पर लागत-वसूली की रोक के आधार पर सरकार ने अपने हिस्से के लाभ में अतिरिक्त 17.5 करोड़ डालर यानी 1135 करोड़ रुपए का दावा किया है।


जानकारी के मुताबिक  इस परियोजना के धीरूभाई अंबानी-1 और 3 गैस फील्ड में प्रतिदिन 8 करोड़ घनफुट गैस के उत्पादन के लक्ष्य से साथ परियोजना खर्च की मंजूरी दी गई थी। लेकिन 2011-12 में उत्पादन 3.533 करोड़ घन मीटर, 2012-13 में 2.088 करोड़ घन मीटर तथा 2013-14 में घट कर 97.7 लाख घन मीटर दैनिक रह गया।
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