Thursday, 2 July 2020

आत्महत्या करने से पहले Google पर यह सर्च कर रहे थे सुशांत सिंह राजपूत


नई दिल्ली : अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में मुंबई पुलिस जांच कर रही है। अब तक सुशांत से जुड़े 28 लोगों से पूछताछ की है जिसमें रिया चक्रवर्ती, उनके मैनेजर और दोस्त शामिल हैं। वहीं अब सुशांत के मौत से जुड़ी एक बड़ी बात सामने आ रही है। दरअसल, जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक सुशांत की फॉरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आत्महत्या से कुछ देर सुशांत ने खुद के बारे में सर्च किया था और अपने बारे में कुछ आर्टिकल्स भी पढ़े थे। रिपोर्ट में कहा गया कि सुशांत ने 14 जून को सुबह 10:15 बजे के आसपास गूगल पर अपना नाम सर्च किया था।



बता दें कि बुधवार को सुशांत की विसरा रिपोर्ट भी आ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सुशांत के शरीर में कोई भी रसायन या जहरीला पदार्थ नहीं पाया गया है। विसरा रिपोर्ट में मृतक के पेट के भीतर से सैंपल लिए जाते हैं ताकि पता चल सके कि उसमें कोई रसायन या जहरीला पदार्थ तो नहीं है। मालूम हो कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया था कि सुशांत की मौत Asphyxia की वजह से हुई है, जिसका मतलब होता है शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाना। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सुशांत के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट नहीं पाई गई थी। उनके नाखून भी बिलकुल साफ थे। बता दें कि इससे पहले सुशांत की फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि यह स्पष्ट रूप से आत्महत्या का मामला है और इसमें कोई साजिश नहीं है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संजना सांघी ने बताया कि उनकी सुशांत से पहली मुलाकात फिल्म दिल बेचारा के सेट पर ही हुई थी। इस फिल्म के लिए कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने मुझे चुना था। सेट पर पहुंचने के बाद पता चला कि मैं फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत के अपोजिट हूं। मीटू मामले में संजना ने कहा कि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत पर कोई आरोप नही लगाया था और न ही ऐसी कोई घटना हुई थी।

संजना ने कहा कि साल 2018 में किसी ने अफवाह उड़ा दी थी कि सुशांत ने मुझे शूटिंग के दौरान गलत तरीके से छुआ था। उस वक्त मैं अमेरिका में थी और मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी। अमेरिका से वापस आने के बाद मुझे यह जानकारी मिली, जिसके बाद मैंने सोशल मीडिया पर बताया था कि यह झूठी कहानी है, ऐसा कुछ नहीं हुआ था। इस दौरान सुशांत जरूर काफी परेशान हुए थे। उन्हें बदनाम करने की साजिश की गई थी। 'दिल बेचारा' की शूटिंग के दौरान मीटू के जरिए आरोप के बाद सुशांत को संभलने में थोड़ा वक्त लगा था।


नई दिल्ली : अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में मुंबई पुलिस जांच कर रही है। अब तक सुशांत से जुड़े 28 लोगों से पूछताछ की है जिसमें रिया चक्रवर्ती, उनके मैनेजर और दोस्त शामिल हैं। वहीं अब सुशांत के मौत से जुड़ी एक बड़ी बात सामने आ रही है। दरअसल, जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक सुशांत की फॉरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आत्महत्या से कुछ देर सुशांत ने खुद के बारे में सर्च किया था और अपने बारे में कुछ आर्टिकल्स भी पढ़े थे। रिपोर्ट में कहा गया कि सुशांत ने 14 जून को सुबह 10:15 बजे के आसपास गूगल पर अपना नाम सर्च किया था।



बता दें कि बुधवार को सुशांत की विसरा रिपोर्ट भी आ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सुशांत के शरीर में कोई भी रसायन या जहरीला पदार्थ नहीं पाया गया है। विसरा रिपोर्ट में मृतक के पेट के भीतर से सैंपल लिए जाते हैं ताकि पता चल सके कि उसमें कोई रसायन या जहरीला पदार्थ तो नहीं है। मालूम हो कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया था कि सुशांत की मौत Asphyxia की वजह से हुई है, जिसका मतलब होता है शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाना। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सुशांत के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट नहीं पाई गई थी। उनके नाखून भी बिलकुल साफ थे। बता दें कि इससे पहले सुशांत की फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि यह स्पष्ट रूप से आत्महत्या का मामला है और इसमें कोई साजिश नहीं है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संजना सांघी ने बताया कि उनकी सुशांत से पहली मुलाकात फिल्म दिल बेचारा के सेट पर ही हुई थी। इस फिल्म के लिए कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने मुझे चुना था। सेट पर पहुंचने के बाद पता चला कि मैं फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत के अपोजिट हूं। मीटू मामले में संजना ने कहा कि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत पर कोई आरोप नही लगाया था और न ही ऐसी कोई घटना हुई थी।

संजना ने कहा कि साल 2018 में किसी ने अफवाह उड़ा दी थी कि सुशांत ने मुझे शूटिंग के दौरान गलत तरीके से छुआ था। उस वक्त मैं अमेरिका में थी और मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी। अमेरिका से वापस आने के बाद मुझे यह जानकारी मिली, जिसके बाद मैंने सोशल मीडिया पर बताया था कि यह झूठी कहानी है, ऐसा कुछ नहीं हुआ था। इस दौरान सुशांत जरूर काफी परेशान हुए थे। उन्हें बदनाम करने की साजिश की गई थी। 'दिल बेचारा' की शूटिंग के दौरान मीटू के जरिए आरोप के बाद सुशांत को संभलने में थोड़ा वक्त लगा था।

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Thursday, 21 May 2020

किसानों के लिए खुशखबरी - अब हर साल इस योजना में मिलेंगे 36 हजार रु.


नई दिल्ली : किसानों के लिए मोदी सरकार (Pradhan Mantri Kisan Pension Yojana) की ओर से शुरू की गई सालाना 36 हजार रुपये पेंशन वाली स्कीम प्रधान मंत्री किसान मानधन योजना में अगर आपने रजिस्ट्रेशन कराया है तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि किसान पीएम-किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) का लाभ ले रहा है तो उससे इसके लिए कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। साथ ही, अब आप किसान पीएम-किसान स्कीम से प्राप्‍त पैसों में से सीधे ही मानधान स्कीम के लिए पैसे चुका सकते हैं। इस तरह उसे सीधे अपनी जेब से पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा।



आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले साल प्रधान मंत्री किसान मानधन योजना लॉन्च किया था। इसमें किसानों को पेंशन देन का इंतजाम किया है। पीएम किसान मानधन योजना के तहत 18 से 40 की उम्र के बीच का कोई भी किसान भाग ले सकता है। उसे 60 की उम्र तक आंशिक रूप से योगदान करना होता है।

यह योगदान 55 रुपये महीने से 200 रुपये महीने के बीच है। इस योगददान पर 60 की उम्र के बाद किसानों को योजना के तहत 3 हजार रुपये महीना या 36 हजार रुपये सालाना पेंशन मिलेगी। अबतक इस स्कीम से करीब 20 लाख किसान जुड़ चुके हैं। जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे उठा सकते हैं। इस पेंशन कोष का प्रबंधन भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) कर रहा है।

इसका न्यूनतम प्रीमियम 55 और अधिकतम 200 रुपये है-अगर पॉलिसी होल्डर किसान की मौत हो गई, तो उसकी पत्नी को 50 फीसदी रकम मिलती रहेगी। LIC किसानों के पेंशन फंड को मैनेज करेगा। आपको बता दें कि जितना प्रीमियम (Premium) किसान देगा उतना ही राशि सरकार भी देगी। इसका न्यूनतम प्रीमियम 55 और अधिकतम 200 रुपये है। अगर बीच में कोई पॉलिसी छोड़ना चाहता है तो जमा राशि और ब्याज (Interest) उस किसान को मिल जाएगी। अगर किसान की मृत्यु हो जाती है तो उसकी पत्नी को 1500 रुपए प्रति महीने मिलेगा

इस पेंशन स्कीम PMKMY के तहत पहले चरण में 5 करोड़ किसानों को 60 साल होने के बाद 3000 रुपये  प्रति महीना बतौर पेंशन दी जाएगी। सरकार ने इसका लाभ सभी 12 करोड़ लघु एवं सीमांत किसानों को देने की योजना है। लघु एवं सीमांत किसान वे हैं जिनके पास 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य जमीन है।

बिना पैसा दिए भी ले सकते हैं फायदा :-

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजबीर सिंह के मुताबिक रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस नहीं लगेगी। यदि कोई किसान पीएम-किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) का लाभ ले रहा है तो उससे इसके लिए कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। इस योजना के तहत किसान पीएम-किसान स्कीम से प्राप्‍त लाभ में से सीधे ही अंशदान करने का विकल्‍प चुन सकते हैं। इस तरह उसे सीधे अपनी जेब से पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा।

हालांकि, आधार कार्ड सबके लिए जरूरी है। यदि कोई किसान बीच में स्कीम छोड़ना चाहता है तो उसका पैसा नहीं डूबेगा। उसके स्कीम छोड़ने तक जो पैसे जमा किए होंगे उस पर बैंकों के सेविंग अकाउंट के बराबर का ब्याज मिलेगा।

पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड और खसरा-खतौनी की नकल ले जानी होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए 2 फोटो और बैंक की पासबुक की भी जरूरत होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए किसान को अलग से कोई भी फीस नहीं देनी होगी। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान का किसान पेंशन यूनिक नंबर और पेंशन कार्ड बनाया जाएगा।


नई दिल्ली : किसानों के लिए मोदी सरकार (Pradhan Mantri Kisan Pension Yojana) की ओर से शुरू की गई सालाना 36 हजार रुपये पेंशन वाली स्कीम प्रधान मंत्री किसान मानधन योजना में अगर आपने रजिस्ट्रेशन कराया है तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि किसान पीएम-किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) का लाभ ले रहा है तो उससे इसके लिए कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। साथ ही, अब आप किसान पीएम-किसान स्कीम से प्राप्‍त पैसों में से सीधे ही मानधान स्कीम के लिए पैसे चुका सकते हैं। इस तरह उसे सीधे अपनी जेब से पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा।



आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले साल प्रधान मंत्री किसान मानधन योजना लॉन्च किया था। इसमें किसानों को पेंशन देन का इंतजाम किया है। पीएम किसान मानधन योजना के तहत 18 से 40 की उम्र के बीच का कोई भी किसान भाग ले सकता है। उसे 60 की उम्र तक आंशिक रूप से योगदान करना होता है।

यह योगदान 55 रुपये महीने से 200 रुपये महीने के बीच है। इस योगददान पर 60 की उम्र के बाद किसानों को योजना के तहत 3 हजार रुपये महीना या 36 हजार रुपये सालाना पेंशन मिलेगी। अबतक इस स्कीम से करीब 20 लाख किसान जुड़ चुके हैं। जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे उठा सकते हैं। इस पेंशन कोष का प्रबंधन भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) कर रहा है।

इसका न्यूनतम प्रीमियम 55 और अधिकतम 200 रुपये है-अगर पॉलिसी होल्डर किसान की मौत हो गई, तो उसकी पत्नी को 50 फीसदी रकम मिलती रहेगी। LIC किसानों के पेंशन फंड को मैनेज करेगा। आपको बता दें कि जितना प्रीमियम (Premium) किसान देगा उतना ही राशि सरकार भी देगी। इसका न्यूनतम प्रीमियम 55 और अधिकतम 200 रुपये है। अगर बीच में कोई पॉलिसी छोड़ना चाहता है तो जमा राशि और ब्याज (Interest) उस किसान को मिल जाएगी। अगर किसान की मृत्यु हो जाती है तो उसकी पत्नी को 1500 रुपए प्रति महीने मिलेगा

इस पेंशन स्कीम PMKMY के तहत पहले चरण में 5 करोड़ किसानों को 60 साल होने के बाद 3000 रुपये  प्रति महीना बतौर पेंशन दी जाएगी। सरकार ने इसका लाभ सभी 12 करोड़ लघु एवं सीमांत किसानों को देने की योजना है। लघु एवं सीमांत किसान वे हैं जिनके पास 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य जमीन है।

बिना पैसा दिए भी ले सकते हैं फायदा :-

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजबीर सिंह के मुताबिक रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस नहीं लगेगी। यदि कोई किसान पीएम-किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) का लाभ ले रहा है तो उससे इसके लिए कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। इस योजना के तहत किसान पीएम-किसान स्कीम से प्राप्‍त लाभ में से सीधे ही अंशदान करने का विकल्‍प चुन सकते हैं। इस तरह उसे सीधे अपनी जेब से पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा।

हालांकि, आधार कार्ड सबके लिए जरूरी है। यदि कोई किसान बीच में स्कीम छोड़ना चाहता है तो उसका पैसा नहीं डूबेगा। उसके स्कीम छोड़ने तक जो पैसे जमा किए होंगे उस पर बैंकों के सेविंग अकाउंट के बराबर का ब्याज मिलेगा।

पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड और खसरा-खतौनी की नकल ले जानी होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए 2 फोटो और बैंक की पासबुक की भी जरूरत होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए किसान को अलग से कोई भी फीस नहीं देनी होगी। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान का किसान पेंशन यूनिक नंबर और पेंशन कार्ड बनाया जाएगा।

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Saturday, 16 May 2020

कोरोना से ठीक होने के बाद भी 30 दिन तक ना करें ये काम वरना दोबारा...


नई दिल्ली : कोरोना वायरस (Covid 19) संक्रमण के ठीक होने के बाद भी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। ऐसे में ख़ास सावधानी बरतने की जरूरत है। अध्ययन में यह बात सामने आई कि कई कोरोना संक्रमित मरीज जो पूरी तरह से ठीक होकर हॉस्पिटल से घर जा चुके थे उनके स्पर्म में कोरोना वायरस मिले हैं। कोरोना (Coronavirus) संक्रमित पुरुषों के स्पर्म में भी वायरस पाया गया है।



स्पेशलिस्ट का इस सिलसिले में कहना है कि इस स्थिति में पुरुषों को अपनी साथी के साथ संबंध बनाने से बचना चाहिए। नहीं तो उसे भी कोरोना संक्रमण हो सकता है। क्योंकि कुछ केसेज में यह बात सामने आई है कि ठीक होने के बाद भी कुछ पुरुषों के स्पर्म के नमूनों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। आजतक में छपी रिपोर्ट के अनुसार, कुछ एक्सपर्ट्स का तो यह तक कहना है कि अगर कोरोना का मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुका हो इसके बाद भी कुछ समय तक उसे अपने साथी से उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

आजतक ने थाईलैंड के डिसीज कंट्रोल डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से छापा है कि अगर कोरोना के इलाज के बाद आप ठीक भी हो चुके हैं तो सेक्स से परहेज करना जरूरी है। यहां तक कि साथी को किस करने से भी परहेज करें। वहीं चीन में हुए एक अध्ययन में यह वार्निंग दी गई है कि चीन में ठीक हो चुके मरीजों के स्पर्म में कोरोना वायरस मिले हैं। ऐसे में संबंध स्थापित करना अनसेफ है।

healthline ने छापा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) बॉडी ड्रापलेट्स के जरिए और छींक या जुकाम के ड्रापलेट्स के जरिए फैलता है। ऐसे में सावधानी बरतना उचित है।  कि कोरोना संक्रमण ठीक होने के 30 दिन तक लोगों को अपने साथी को किस (Kiss) करने से भी बचना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि कुछ मामले ऐसे सामने आए हैं जिसमें इलाज से ठीक होने के बाद भी कुछ लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अगर इलाज के एक महीने बाद भी आप साथी से संबंध स्थापित करते हैं तो कंडोम को इस्तेमाल करना ना भूलें।

चीन ने अध्ययन के तहत, 38 कोरोना मरीजों के स्पर्म के सैंपल लिए। इसमें से 15 तो हॉस्पिटल में ही थे और 23 ठीक होकर घर वापस जा चुके थे। टेस्ट में 6 लोगों के स्पर्म में कोरोना वायरस पाया गया और 2 स्वस्थ हो चुके लोगों के स्पर्म में भी कोरोना वायरस मिले हैं।

इस सिलसिले में JAMA ओपन नेटवर्क ने एक रिपोर्ट छपी है जिसके मुताबिक़, जांचकर्ता शिजी झांग ने कहा कि इस बात से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है कि अगर कोरोना का मरीज पूरी तरह ठीक हो चुका है तब भी उससे संक्रमण का खतरा है।


नई दिल्ली : कोरोना वायरस (Covid 19) संक्रमण के ठीक होने के बाद भी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। ऐसे में ख़ास सावधानी बरतने की जरूरत है। अध्ययन में यह बात सामने आई कि कई कोरोना संक्रमित मरीज जो पूरी तरह से ठीक होकर हॉस्पिटल से घर जा चुके थे उनके स्पर्म में कोरोना वायरस मिले हैं। कोरोना (Coronavirus) संक्रमित पुरुषों के स्पर्म में भी वायरस पाया गया है।



स्पेशलिस्ट का इस सिलसिले में कहना है कि इस स्थिति में पुरुषों को अपनी साथी के साथ संबंध बनाने से बचना चाहिए। नहीं तो उसे भी कोरोना संक्रमण हो सकता है। क्योंकि कुछ केसेज में यह बात सामने आई है कि ठीक होने के बाद भी कुछ पुरुषों के स्पर्म के नमूनों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। आजतक में छपी रिपोर्ट के अनुसार, कुछ एक्सपर्ट्स का तो यह तक कहना है कि अगर कोरोना का मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुका हो इसके बाद भी कुछ समय तक उसे अपने साथी से उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

आजतक ने थाईलैंड के डिसीज कंट्रोल डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से छापा है कि अगर कोरोना के इलाज के बाद आप ठीक भी हो चुके हैं तो सेक्स से परहेज करना जरूरी है। यहां तक कि साथी को किस करने से भी परहेज करें। वहीं चीन में हुए एक अध्ययन में यह वार्निंग दी गई है कि चीन में ठीक हो चुके मरीजों के स्पर्म में कोरोना वायरस मिले हैं। ऐसे में संबंध स्थापित करना अनसेफ है।

healthline ने छापा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) बॉडी ड्रापलेट्स के जरिए और छींक या जुकाम के ड्रापलेट्स के जरिए फैलता है। ऐसे में सावधानी बरतना उचित है।  कि कोरोना संक्रमण ठीक होने के 30 दिन तक लोगों को अपने साथी को किस (Kiss) करने से भी बचना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि कुछ मामले ऐसे सामने आए हैं जिसमें इलाज से ठीक होने के बाद भी कुछ लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अगर इलाज के एक महीने बाद भी आप साथी से संबंध स्थापित करते हैं तो कंडोम को इस्तेमाल करना ना भूलें।

चीन ने अध्ययन के तहत, 38 कोरोना मरीजों के स्पर्म के सैंपल लिए। इसमें से 15 तो हॉस्पिटल में ही थे और 23 ठीक होकर घर वापस जा चुके थे। टेस्ट में 6 लोगों के स्पर्म में कोरोना वायरस पाया गया और 2 स्वस्थ हो चुके लोगों के स्पर्म में भी कोरोना वायरस मिले हैं।

इस सिलसिले में JAMA ओपन नेटवर्क ने एक रिपोर्ट छपी है जिसके मुताबिक़, जांचकर्ता शिजी झांग ने कहा कि इस बात से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है कि अगर कोरोना का मरीज पूरी तरह ठीक हो चुका है तब भी उससे संक्रमण का खतरा है।

Source : rajsthan patrika, samaya live, ndtv, news18 hindi, navbharat times, jagran, nai dunia, live hindustan, jansatta

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Monday, 11 May 2020

खुलासा - बॉयज लॉकर रूम केस में लड़के नहीं, लड़कियों ने की थी गैंगरेप की बात, पढ़े...


नई दिल्ली : देश को हिलाकर रख देने वाले बॉयज लॉकर रूम मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया पर स्नैपचैट के वायरल हुए स्क्रीनशॉट में गैंगरेप की बात लड़का नहीं, बल्कि एक लड़की कर रही थी। वह फर्जी आईडी सिद्धार्थ से दूसरे लड़के से चैटिंग कर रही थी। दक्षिण दिल्ली की यह लड़की नाबालिग है। 



दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने पहचान के बाद इस लड़की से पूछताछ की है। लड़की का कहना है कि वह जिस लड़के से चैटिंग कर रही थी, उसका चरित्र और गैंगरेप की बात पर उसकी प्रतिक्रिया जानना चाहती थी। वह मजे के लिए ऐसा कर रही थी। इस चैटिंग का बॉयज लॉकर रूम से कोई लेना-देना नहीं है।

साइबर सेल के डीसीपी अन्येश रॉय ने रविवार को आधिकारिक बयान भेजकर कहा था कि बॉयज लॉकर रूम व स्नैपचैट का वायरल स्क्रीनशॉट अलग-अलग हैं। दोनों का कोई लेना-देना नहीं है। स्क्रीनशॉट मार्च महीने का है और बॉयज लॉकर रूम अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में बना था। बॉयज लॉकर रूम मामला सोशल मीडिया पर सामने आया तो स्नैपचैट के स्क्रीनशॉट को इससे जोड़ दिया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कहा जाने लगा था कि बॉयज लॉकर रूम से लड़कियों को गैंगरेप की धमकी दी जा रही है।

देश के जाने माने अख़बार अमर उजालाने इस बात का शनिवार को ही खुलासा कर दिया था। दिल्ली पुलिस बॉयज लॉकर रूम के ग्रुप एडमिन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। एक नाबालिग को पाबंद किया गया है। साइबर सेल ने इस मामले में लॉकर रूम के कई और लड़कों की  पहचान कर ली है।

अब पहचाने गए लॉकर रूम से जुड़े छात्रों की संख्या 24 से ज्यादा हो गई है। सभी से पूछताछ की गई है। इनमें से कुछ नाबालिग हैं। इनमें से ज्यादातर का कहना है कि उन्होंने लॉकर रूम ग्रुप में न तो कोई चैटिंग की और न ही फोटो शेयर की थी। सभी के मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

लड़की खुद ही प्लान बना रही थी :-

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्नैपचैट के स्क्रीन शॉट मामले में पता लगा है कि यह लड़की दूसरी लड़कियों के साथ गैंगरेप की बात कर रही थी। लड़की फर्जी आईडी से जिस लड़के के साथ गैंगरेप का प्लान बनाने की चैटिंग कर रही थी, वह लड़का भी नाबालिग है। लड़की के ऐसी बात करने के बाद उस लड़के ने फर्जी आईडी सिद्धार्थ से चैटिंग करना बंद कर दिया था। इस लड़के ने ही इस चैटिंग का स्क्रीनशॉट लेकर दूसरे ग्रुप में शेयर कर दिया था। पुलिस ने फिलहाल इस लड़की और लड़के के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।


नई दिल्ली : देश को हिलाकर रख देने वाले बॉयज लॉकर रूम मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया पर स्नैपचैट के वायरल हुए स्क्रीनशॉट में गैंगरेप की बात लड़का नहीं, बल्कि एक लड़की कर रही थी। वह फर्जी आईडी सिद्धार्थ से दूसरे लड़के से चैटिंग कर रही थी। दक्षिण दिल्ली की यह लड़की नाबालिग है। 



दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने पहचान के बाद इस लड़की से पूछताछ की है। लड़की का कहना है कि वह जिस लड़के से चैटिंग कर रही थी, उसका चरित्र और गैंगरेप की बात पर उसकी प्रतिक्रिया जानना चाहती थी। वह मजे के लिए ऐसा कर रही थी। इस चैटिंग का बॉयज लॉकर रूम से कोई लेना-देना नहीं है।

साइबर सेल के डीसीपी अन्येश रॉय ने रविवार को आधिकारिक बयान भेजकर कहा था कि बॉयज लॉकर रूम व स्नैपचैट का वायरल स्क्रीनशॉट अलग-अलग हैं। दोनों का कोई लेना-देना नहीं है। स्क्रीनशॉट मार्च महीने का है और बॉयज लॉकर रूम अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में बना था। बॉयज लॉकर रूम मामला सोशल मीडिया पर सामने आया तो स्नैपचैट के स्क्रीनशॉट को इससे जोड़ दिया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कहा जाने लगा था कि बॉयज लॉकर रूम से लड़कियों को गैंगरेप की धमकी दी जा रही है।

देश के जाने माने अख़बार अमर उजालाने इस बात का शनिवार को ही खुलासा कर दिया था। दिल्ली पुलिस बॉयज लॉकर रूम के ग्रुप एडमिन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। एक नाबालिग को पाबंद किया गया है। साइबर सेल ने इस मामले में लॉकर रूम के कई और लड़कों की  पहचान कर ली है।

अब पहचाने गए लॉकर रूम से जुड़े छात्रों की संख्या 24 से ज्यादा हो गई है। सभी से पूछताछ की गई है। इनमें से कुछ नाबालिग हैं। इनमें से ज्यादातर का कहना है कि उन्होंने लॉकर रूम ग्रुप में न तो कोई चैटिंग की और न ही फोटो शेयर की थी। सभी के मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

लड़की खुद ही प्लान बना रही थी :-

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्नैपचैट के स्क्रीन शॉट मामले में पता लगा है कि यह लड़की दूसरी लड़कियों के साथ गैंगरेप की बात कर रही थी। लड़की फर्जी आईडी से जिस लड़के के साथ गैंगरेप का प्लान बनाने की चैटिंग कर रही थी, वह लड़का भी नाबालिग है। लड़की के ऐसी बात करने के बाद उस लड़के ने फर्जी आईडी सिद्धार्थ से चैटिंग करना बंद कर दिया था। इस लड़के ने ही इस चैटिंग का स्क्रीनशॉट लेकर दूसरे ग्रुप में शेयर कर दिया था। पुलिस ने फिलहाल इस लड़की और लड़के के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

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Saturday, 9 May 2020

लॉकडाउन में बाहर से शटर डाउन, अंदर चल रहा था गन्दा काम


नई दिल्ली : जहां एक तरफ कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन चल रहा है और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को पालन करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, कपूरथला के एक गेस्ट हाउस में देह व्यापार के अड्डे पर पुलिस ने छापा मारकर लड़के-लड़कियों को पकड़ा है।



पंजाब की कपूरथला पुलिस ने शुक्रवार को लॉकडाउन के दौरान नन्हा कॉम्प्लेक्स में चल रहे एक गेस्ट हाउस में रेड मारी। यहां से 2 लड़कियां, एक लड़का और गेस्ट हाउस का मालिक पकड़ा गया है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शटर नीचे गिरा हुआ था और अंदर यह गोरखधंधा चल रहा था।

पुलिस शटर उठाकर जब अंदर घुसी तो गेस्ट हाउस का मालिक भी अंदर ही था। पुलिस जब कमरों को चेक करते हुए अंदर दाखिल हुई तो एक कमरे में दो लड़कियां और एक लड़का दिखा। पुलिस को आता देख सभी ने जल्दी-जल्दी कपड़े पहने।

उसके बाद पुलिस ने अन्य कमरों की भी तलाशी ली। फिर वहां माैजूद इस ठिकाने के मालिक से पुराने सीसीटीवी फुटेज निकलवाए तो उसमें भी संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। इसके बाद पुलिस इन्हें अपने साथ ले गई। जानकारी के अनुसार, इस कॉम्प्लेक्स का एक और मालिक दिल्ली के रोहिणी में रहने वाला एक  न्यायायिक अधिकारी है।

सिटी थाना प्रभारी हरजिंदर सिंह ने बताया कि कॉम्प्लेक्स में चलने वाले इस अवैध गेस्ट हाउस की पहले भी शिकायत आयी थी। आज मौके पर रेड मारकर इन्हें पकड़ लिया गया। पकड़े गए लोगों में दो लड़कियां, एक लड़का और एक गेस्ट हाउस का मालिक था। इन पर कर्फ़्यू के उल्लंघन का मामला भी दर्ज होगा।


नई दिल्ली : जहां एक तरफ कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन चल रहा है और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को पालन करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, कपूरथला के एक गेस्ट हाउस में देह व्यापार के अड्डे पर पुलिस ने छापा मारकर लड़के-लड़कियों को पकड़ा है।



पंजाब की कपूरथला पुलिस ने शुक्रवार को लॉकडाउन के दौरान नन्हा कॉम्प्लेक्स में चल रहे एक गेस्ट हाउस में रेड मारी। यहां से 2 लड़कियां, एक लड़का और गेस्ट हाउस का मालिक पकड़ा गया है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शटर नीचे गिरा हुआ था और अंदर यह गोरखधंधा चल रहा था।

पुलिस शटर उठाकर जब अंदर घुसी तो गेस्ट हाउस का मालिक भी अंदर ही था। पुलिस जब कमरों को चेक करते हुए अंदर दाखिल हुई तो एक कमरे में दो लड़कियां और एक लड़का दिखा। पुलिस को आता देख सभी ने जल्दी-जल्दी कपड़े पहने।

उसके बाद पुलिस ने अन्य कमरों की भी तलाशी ली। फिर वहां माैजूद इस ठिकाने के मालिक से पुराने सीसीटीवी फुटेज निकलवाए तो उसमें भी संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। इसके बाद पुलिस इन्हें अपने साथ ले गई। जानकारी के अनुसार, इस कॉम्प्लेक्स का एक और मालिक दिल्ली के रोहिणी में रहने वाला एक  न्यायायिक अधिकारी है।

सिटी थाना प्रभारी हरजिंदर सिंह ने बताया कि कॉम्प्लेक्स में चलने वाले इस अवैध गेस्ट हाउस की पहले भी शिकायत आयी थी। आज मौके पर रेड मारकर इन्हें पकड़ लिया गया। पकड़े गए लोगों में दो लड़कियां, एक लड़का और एक गेस्ट हाउस का मालिक था। इन पर कर्फ़्यू के उल्लंघन का मामला भी दर्ज होगा।

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Sunday, 3 May 2020

इस बैंक में है आपका खाता तो मिलेंगे 5 लाख रुपये, RBI ने लिया बड़ा फैसला


नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने CKP को-ऑपरेटिव बैंक (CKP Co-operative Bank) का लाइसेंस रद्द कर दिया है। RBI ने इस बारे में एक बयान जारी कर जानकारी दी है। RBI ने लिखा कि इस बैंक की वित्तीय स्थिति अत्यधिक जोखिम भरी और अस्थिर है। इसके लिए कोई मजबूत रिवाइवल या अन्य बैंक के साथ विलय का प्लान नहीं है। बैंक प्रबंधन की तरफ से भी अनिवार्य प्रतिबद्धता नहीं दिखाई दे रही है।



आरबीआई ने कहा कि बैंक ऐसी स्थिति में नहीं है कि वो अपने मौजूदा या भविष्य के डिपॉजिटर्स को पेमेंट कर सके। साथ ही बैंक तय किए गए न्यूनतम पूंजीगत जरूरतों के नियम का भी उल्लंघन किया है। इस बयान में कहा गया, 'आम लोग और डिपॉजिटर्स के हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया जा रहा है। बैंक की मौजूदा न सिर्फ मौजूदा डिपॉजिटर्स के लिए हानिकारक है, बल्कि आम लोगों के हित के लिए भी यह सुरक्षित नहीं है।'



रिवाइवल और विलय का कोई प्लान नहीं :-

केंद्रीय बैंक ने कहा कि रिवाइवल के लिए बैंक द्वारा उठाया गया कदम प्रभावी नहीं, हालांकि इसके लिए पर्याप्त मौका लिया गया। बैंक के विलय को लेकर भी कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया है। ऐसे में आम लोागों के हितों को ध्यान में रखते हुए बैंक को आगे बिजनेस जारी रखने से रोका जा रहा है।

डिपॉजिटर्स को मिलेंगे 5 लाख रुपये :-

चूंकि, अब बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद लिक्विडेशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही डीआईसीजीसी एक्ट, 1961 भी प्रभावी होगा। इसके तहत CKP को-ऑपरेटिव बैंक के मौजूदा ग्राहकों को पेमेंट किया जाएगा। डीआईसीजीसी के इस नियमों के तहत इस बैंकों के डिपॉजिटर्स को उनके डिपॉजिट के आधार पर 5 लाख रुपये तक दिए जाएंगे।

क्या कहता है नियम?

DICGC एक्ट, 1961 की धारा 16 (1) के प्रावधानों के तहत, अगर कोई बैंक डूब जाता है या दिवालिया हो जाता है, तो DICGC प्रत्येक जमाकर्ता को भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होता है। उसकी जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक का बीमा होगा। आपका एक ही बैंक की कई ब्रांच में खाता है तो सभी खातों में जमा अमाउंट और ब्‍याज जोड़ा जाएगा और केवल 5 लाख तक जमा को ही सुरक्षित माना जाएगा। इसमें मूलधन और ब्‍याज (Principal and Interest) दोनों को शामिल किया जाता है। मतलब साफ है कि अगर दोनों जोड़कर 5 लाख से ज्यादा है तो सिर्फ 5 लाख ही सुरक्षित माना जाएगा।

DICGC के अंतर्गत कितने बैंक आते हैं?

31 मार्च 2019 तक DICGC के पास डिपॉजिट इंश्योरेंस के तौर पर 97,350 करोड़ रुपये था, जिसमें 87,890 करोड़ रुपये सरप्लस भी शामिल है। DICGC ने 1962 से लेकर अब तक कुल क्लेम सेटलमेंट पर 5,120 करोड़ रुपये खर्च किया है जो कि सहकारी बैंकों के लिए था। डीआईसीजीसी के अंतर्गत कुल 2,098 बैंक आते हैं, जिनमें से 1,941 सहकारी बैंक हैं। अधिकतर इन्हीं बैंकों में लिक्विडेशन की कमी देखने को मिल रही है।


नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने CKP को-ऑपरेटिव बैंक (CKP Co-operative Bank) का लाइसेंस रद्द कर दिया है। RBI ने इस बारे में एक बयान जारी कर जानकारी दी है। RBI ने लिखा कि इस बैंक की वित्तीय स्थिति अत्यधिक जोखिम भरी और अस्थिर है। इसके लिए कोई मजबूत रिवाइवल या अन्य बैंक के साथ विलय का प्लान नहीं है। बैंक प्रबंधन की तरफ से भी अनिवार्य प्रतिबद्धता नहीं दिखाई दे रही है।



आरबीआई ने कहा कि बैंक ऐसी स्थिति में नहीं है कि वो अपने मौजूदा या भविष्य के डिपॉजिटर्स को पेमेंट कर सके। साथ ही बैंक तय किए गए न्यूनतम पूंजीगत जरूरतों के नियम का भी उल्लंघन किया है। इस बयान में कहा गया, 'आम लोग और डिपॉजिटर्स के हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया जा रहा है। बैंक की मौजूदा न सिर्फ मौजूदा डिपॉजिटर्स के लिए हानिकारक है, बल्कि आम लोगों के हित के लिए भी यह सुरक्षित नहीं है।'



रिवाइवल और विलय का कोई प्लान नहीं :-

केंद्रीय बैंक ने कहा कि रिवाइवल के लिए बैंक द्वारा उठाया गया कदम प्रभावी नहीं, हालांकि इसके लिए पर्याप्त मौका लिया गया। बैंक के विलय को लेकर भी कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया है। ऐसे में आम लोागों के हितों को ध्यान में रखते हुए बैंक को आगे बिजनेस जारी रखने से रोका जा रहा है।

डिपॉजिटर्स को मिलेंगे 5 लाख रुपये :-

चूंकि, अब बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद लिक्विडेशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही डीआईसीजीसी एक्ट, 1961 भी प्रभावी होगा। इसके तहत CKP को-ऑपरेटिव बैंक के मौजूदा ग्राहकों को पेमेंट किया जाएगा। डीआईसीजीसी के इस नियमों के तहत इस बैंकों के डिपॉजिटर्स को उनके डिपॉजिट के आधार पर 5 लाख रुपये तक दिए जाएंगे।

क्या कहता है नियम?

DICGC एक्ट, 1961 की धारा 16 (1) के प्रावधानों के तहत, अगर कोई बैंक डूब जाता है या दिवालिया हो जाता है, तो DICGC प्रत्येक जमाकर्ता को भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होता है। उसकी जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक का बीमा होगा। आपका एक ही बैंक की कई ब्रांच में खाता है तो सभी खातों में जमा अमाउंट और ब्‍याज जोड़ा जाएगा और केवल 5 लाख तक जमा को ही सुरक्षित माना जाएगा। इसमें मूलधन और ब्‍याज (Principal and Interest) दोनों को शामिल किया जाता है। मतलब साफ है कि अगर दोनों जोड़कर 5 लाख से ज्यादा है तो सिर्फ 5 लाख ही सुरक्षित माना जाएगा।

DICGC के अंतर्गत कितने बैंक आते हैं?

31 मार्च 2019 तक DICGC के पास डिपॉजिट इंश्योरेंस के तौर पर 97,350 करोड़ रुपये था, जिसमें 87,890 करोड़ रुपये सरप्लस भी शामिल है। DICGC ने 1962 से लेकर अब तक कुल क्लेम सेटलमेंट पर 5,120 करोड़ रुपये खर्च किया है जो कि सहकारी बैंकों के लिए था। डीआईसीजीसी के अंतर्गत कुल 2,098 बैंक आते हैं, जिनमें से 1,941 सहकारी बैंक हैं। अधिकतर इन्हीं बैंकों में लिक्विडेशन की कमी देखने को मिल रही है।

Source : rajsthan patrika, samaya live, ndtv, news18 hindi, navbharat times, jagran, nai dunia, live hindustan, jansatta

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Saturday, 2 May 2020

इस दिन आएगी जनधन खाते में 500 रुपये की दूसरी किस्त, पढ़ें......


नई दिल्ली : जनधन योजना के महिला लाभार्थियों की 500 रुपये प्रति महीना की दूसरी किस्त 4 मई से उनके खाते में आनी शुरू होगी। बैंक अपने खाताधारकों को एसएमएस के जरिए इसकी सूचना भी दे रहे हैं। लाभार्थी राशि की निकासी के लिए पड़ोसी एटीएम का RuPay कार्ड, बैंक मित्र, CSP के साथ इस्तेमाल करें जिससे ब्रांचों पर ज्यादा भीड़ न जमा हो। इस बात का भी ध्यान रखें कि दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालने के लिए वर्तमान में भारत सरकार के निर्देशों के मुताबिक कोई चार्ज नहीं हैं।



बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने जनधन खाताधारकों को एसएमएस संदेश में कहा,' हमें आपकी चिंता है ! प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत पीएमजेडीवाई की लाभार्थी महिलाओं के खातों में 3 महीनों के लिए 500 रु प्रति माह जमा किए जाएंगे।आपको पैसा निकालने की तारीख़ और समय के बारे में सूचित किया जाएगा। आपसे प्रार्थना है कि दी गई तारीख और समय पर ही बैंक शाखा/बैंक मित्र से संपर्क करें । सावधान रहें, स्वस्थ रहें-धन्यवाद'

COVID-19 संकट पर गरीबों की मदद करने के लिए, सरकार ने 26 मार्च को कहा था कि अप्रैल से शुरू होने वाले अगले तीन महीनों के लिए महिला जन धन खाता धारकों को 500 रुपये का पूर्व-भुगतान भुगतान जमा किया जाएगा। वित्तीय सेवा सचिव देबाशीष पांडा ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, "लाभार्थियों से अनुरोध किया जाता है कि वे बैंकों और सीएसपी पर जाने के लिए नीचे दिए गए शेड्यूल का पालन करें। एटीएम और बीसी के माध्यम से भी पैसे निकाले जा सकते हैं।"



इस दिन डलेगा पैसा :-

0 और 1 के रूप में अंतिम अंक हैं उन खातों में 4 मई को पैसा डाला जाएगा

2 या 3 के साथ समाप्त होने वाले खाता संख्या में  5 मई को पैसे डाले जाएंगे

4 या 5 के साथ खाता संख्या वाले खातों में 6 मई को रकम डाली जाएगी

6 या 7 के साथ समाप्त होने वाले खाता संख्या में 8 मई  को

8 या 9 के साथ समाप्त होने वाली खाता संख्या के लिए 11 मई को रकम प्रेषित की जाएगी

बता दें कोरोना संकट में बीच मोदी सरकार ने महिलाओं को राहत देने  की घोषणा की थी। सरकार ने लॉकडाउन के दौरान गरीब महिलाओं को राहत देने के लिए जनधन अकाउंट धारक 20.5 करोड़ महिलाओं को अगले तीन माह तक 500 रुपये प्रति माह देने का फैसला किया है। यह राशि सीधे उनके खाते में आएगी। महिला जनधन योजना लाभार्थियों के 500 रुपये प्रति महीना की राशि 3 अप्रैल से उनके खाते में आनी शुरू हो भी हो गई थी। यह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत तीन मासिक किस्तों में से दूसरी है।


नई दिल्ली : जनधन योजना के महिला लाभार्थियों की 500 रुपये प्रति महीना की दूसरी किस्त 4 मई से उनके खाते में आनी शुरू होगी। बैंक अपने खाताधारकों को एसएमएस के जरिए इसकी सूचना भी दे रहे हैं। लाभार्थी राशि की निकासी के लिए पड़ोसी एटीएम का RuPay कार्ड, बैंक मित्र, CSP के साथ इस्तेमाल करें जिससे ब्रांचों पर ज्यादा भीड़ न जमा हो। इस बात का भी ध्यान रखें कि दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालने के लिए वर्तमान में भारत सरकार के निर्देशों के मुताबिक कोई चार्ज नहीं हैं।



बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने जनधन खाताधारकों को एसएमएस संदेश में कहा,' हमें आपकी चिंता है ! प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत पीएमजेडीवाई की लाभार्थी महिलाओं के खातों में 3 महीनों के लिए 500 रु प्रति माह जमा किए जाएंगे।आपको पैसा निकालने की तारीख़ और समय के बारे में सूचित किया जाएगा। आपसे प्रार्थना है कि दी गई तारीख और समय पर ही बैंक शाखा/बैंक मित्र से संपर्क करें । सावधान रहें, स्वस्थ रहें-धन्यवाद'

COVID-19 संकट पर गरीबों की मदद करने के लिए, सरकार ने 26 मार्च को कहा था कि अप्रैल से शुरू होने वाले अगले तीन महीनों के लिए महिला जन धन खाता धारकों को 500 रुपये का पूर्व-भुगतान भुगतान जमा किया जाएगा। वित्तीय सेवा सचिव देबाशीष पांडा ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, "लाभार्थियों से अनुरोध किया जाता है कि वे बैंकों और सीएसपी पर जाने के लिए नीचे दिए गए शेड्यूल का पालन करें। एटीएम और बीसी के माध्यम से भी पैसे निकाले जा सकते हैं।"



इस दिन डलेगा पैसा :-

0 और 1 के रूप में अंतिम अंक हैं उन खातों में 4 मई को पैसा डाला जाएगा

2 या 3 के साथ समाप्त होने वाले खाता संख्या में  5 मई को पैसे डाले जाएंगे

4 या 5 के साथ खाता संख्या वाले खातों में 6 मई को रकम डाली जाएगी

6 या 7 के साथ समाप्त होने वाले खाता संख्या में 8 मई  को

8 या 9 के साथ समाप्त होने वाली खाता संख्या के लिए 11 मई को रकम प्रेषित की जाएगी

बता दें कोरोना संकट में बीच मोदी सरकार ने महिलाओं को राहत देने  की घोषणा की थी। सरकार ने लॉकडाउन के दौरान गरीब महिलाओं को राहत देने के लिए जनधन अकाउंट धारक 20.5 करोड़ महिलाओं को अगले तीन माह तक 500 रुपये प्रति माह देने का फैसला किया है। यह राशि सीधे उनके खाते में आएगी। महिला जनधन योजना लाभार्थियों के 500 रुपये प्रति महीना की राशि 3 अप्रैल से उनके खाते में आनी शुरू हो भी हो गई थी। यह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत तीन मासिक किस्तों में से दूसरी है।

Source : rajsthan patrika, samaya live, ndtv, news18 hindi, navbharat times, jagran, nai dunia, live hindustan, jansatta

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